By पं. नीलेश शर्मा
नए ज्योतिषीय वर्ष की तैयारी और भीतर की यात्रा

जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है तो वातावरण में एक गहरी, धीमी और शांत तरंग चलने लगती है। यह वह चरण है जहाँ जीवन की बाहरी दौड़ कुछ समय के लिए थमकर भीतर झाँकने का निमंत्रण देती है। उपलब्धियों की चमक से थोड़ा हटकर मन यह पूछने लगता है कि बीते वर्ष में भीतर क्या सीखा, क्या छोड़ना है और किस भाव के साथ नए ज्योतिषीय वर्ष की ओर बढ़ना है।
15 मार्च 2026 को रात 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा। वैदिक ज्योतिष में इसे सूर्य की वार्षिक यात्रा का अंतिम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद सूर्य के मेष में प्रवेश के साथ ही ज्योतिषीय नव वर्ष का आरंभ होगा। इसलिए यह समय एक आध्यात्मिक संध्या जैसा होता है जहाँ पुराने चक्र का समापन और नए चक्र की तैयारी एक साथ घटित होती है।
यह गोचर केवल पंचांग की तिथि नहीं, जीवन की दिशा के लिए एक सूक्ष्म संकेत भी है। नीचे दी गई सारणी में 15 मार्च 2026 के सूर्य गोचर के मुख्य खगोलीय बिंदु संक्षेप में दिए गए हैं।
| ग्रह | गोचर राशि | तिथि | समय | वार |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | मीन | 15 मार्च 2026 | रात 1 बजकर 8 मिनट | रविवार |
मीन राशि बृहस्पति द्वारा संचालित द्विस्वभाव जल राशि है। यह करुणा, ज्ञान, समर्पण, त्याग और आध्यात्मिक गहराई का प्रतीक मानी जाती है। सूर्य आत्मा, जीवन शक्ति, आत्मविश्वास, नेतृत्व और अहं का प्रतिनिधि ग्रह है। जब सूर्य मीन में आता है तो उसकी ज्वलंत अग्नि नरम पड़कर भावनात्मक और आध्यात्मिक रंगों में ढलने लगती है।
मीन राशि बारहवीं और अंतिम राशि है। यह मोक्ष, अंत, एकांत, अवचेतन मन, कर्मों के विसर्जन और भीतर की जागृति से जुड़ी है। सूर्य का इस राशि में गोचर सामूहिक चेतना को बाहरी महत्वाकांक्षा से हटाकर आंतरिक सजगता की ओर मोड़ देता है।
इस गोचर के दौरान ऊर्जा का स्वभाव बदल जाता है। तेज आक्रामक वृद्धि को यह समय सहारा नहीं देता। इसके बजाय यह अवधि कुछ विशेष प्रवृत्तियों को मजबूत करती है।
इस समय अहं पर आधारित निर्णय धीरे धीरे कमजोर पड़ते हैं और अंतर्ज्ञान पर आधारित समझ भीतर से मजबूत होने लगती है।
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ जाती है। कई लोगों को अपने भीतर की आवाज पहले से अधिक स्पष्ट सुनाई देने लगती है। यह आवाज कभी स्वप्नों के रूप में, कभी सहज पूर्वाभास के रूप में सामने आती है।
इस अवधि में प्रायः इन प्रकार के अनुभव देखे जा सकते हैं।
नेतृत्व भी इस समय रूप बदलता है। हुक्म चलाने वाला नेतृत्व कमजोर पड़ता है और शांत, अनुभवी तथा मार्गदर्शक नेतृत्व उभरता है। इस दौरान लिए गए कुछ निर्णय बाहर से छोटे दिख सकते हैं, पर उनका असर लंबे समय की कर्म दिशा को बदल सकता है।
सूर्य करियर, प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि का कारक है। जब यह मीन राशि में आता है तो करियर की ऊर्जा भीतर की ओर मुड़ जाती है। यह समय मंच पर चढ़कर घोषणा करने से अधिक अंदर बैठकर सोचने और योजना बनाने के लिए अनुकूल होता है।
इस गोचर के दौरान इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना लाभकारी रहेगा।
जो लोग उपचार, परामर्श, योग, ध्यान, आध्यात्मिक मार्गदर्शन, कला, संगीत, शिक्षण या शोध से जुड़े हैं उन्हें यह समय अंदरूनी प्रेरणा और गहराई दे सकता है। अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले लोग भी यदि इस अवधि को योजनाएँ साफ करने और अनावश्यक बोझ घटाने में लगाएँ तो आगे मेष में सूर्य प्रवेश के साथ नए अवसरों का स्वागत अधिक स्पष्टता से कर पाएँगे।
आर्थिक दृष्टि से यह गोचर संवेदनशील समय माना जा सकता है। मीन की करुणा कभी कभी बहुत अधिक उदारता या भावनात्मक खर्च की ओर ले जा सकती है। सूर्य यहाँ आत्मसम्मान और उदारता, दोनों के बीच संतुलन सिखाता है।
इस अवधि में कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा।
धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में किया गया संतुलित दान इस समय शुभ हो सकता है, बशर्ते घर परिवार की मूल आवश्यकताओं की अनदेखी न हो।
मीन राशि में सूर्य का गोचर रिश्तों में सहानुभूति, मृदुता और क्षमा को मजबूत करता है। कई लोग पुराने विवादों को छोड़कर आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। रिश्तों में दिल से दिल की बात करने की इच्छा बढ़ती है।
अत्यधिक संवेदनशीलता के कारण छोटी बातें भी मन को चोट पहुँचा सकती हैं। अनकहा प्रेम, अनकहा क्रोध और अनकहे डर इस समय भीतर उफान पर आ सकते हैं। यदि इन्हें शांत, ईमानदार संवाद में बदल दिया जाए तो संबंध काफी हल्के और साफ हो सकते हैं।
यह समय विशेष रूप से इन बातों के लिए अनुकूल है।
जहाँ संबंध बहुत विषाक्त हो चुके हैं वहाँ इस समय भीतर से यह स्पष्टता भी आ सकती है कि किन सीमाओं की अब आवश्यकता है।
सूर्य शरीर की प्राण शक्ति और रक्षा क्षमता को सूक्ष्म रूप से प्रभावित करता है। मीन जल तत्व और कफ प्रधान प्रकृति से जुड़ा है, इसलिए इस गोचर में कुछ लोगों को ऊर्जा में उतार चढ़ाव अनुभव हो सकता है।
संभावित अनुभव कुछ इस प्रकार हो सकते हैं।
इस समय के लिए सरल उपाय बहुत सहायक रहते हैं।
ध्यान, श्वास अभ्यास, नाम जप, हल्का व्यायाम और थोड़ी देर टहलना शरीर और मन दोनों के लिए इस समय विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से यह गोचर अहं की परतों को पिघलाने वाला समय है। मीन राशिचक्र का महासागर है। जब सूर्य इस महासागर में प्रवेश करता है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति की सीमित पहचान धीरे धीरे व्यापक चेतना में घुलने की तैयारी कर रही है।
यह अवधि कई बार इन आंतरिक प्रक्रियाओं का द्वार खोलती है।
जो लोग साधना, ध्यान, जप, आत्मचिंतन या ईश्वर से संवाद की भावना में चलते हैं उनके लिए यह समय विशेष वरदान जैसा हो सकता है। भीतर उठती क्षमा, कृतज्ञता और समर्पण की भावना आगे आने वाले मेष चक्र में नई ऊर्जा और दिशा को जन्म देती है।
सही दृष्टिकोण के साथ यह गोचर अत्यंत शुभ और गहराई देने वाला बन सकता है। कुछ सरल दिशानिर्देश इसे व्यावहारिक रूप से भी आसान बनाते हैं।
इन बातों को अपनाना लाभकारी होगा
इन प्रवृत्तियों से बचना बेहतर रहेगा
15 मार्च 2026 से सूर्य का मीन राशि में यह गोचर बाहर से बहुत शोर नहीं करता, लेकिन भीतर बहुत गहरे स्तर पर दिशा बदल देता है। जो लोग इस समय को आत्ममंथन, क्षमा, भावनात्मक उपचार और ईश्वरीय भरोसे को मजबूत करने में लगाते हैं वे सूर्य के मेष प्रवेश के समय नए चक्र में अधिक स्पष्ट उद्देश्य, हल्के मन और सुदृढ़ आंतरिक शक्ति के साथ कदम रख पाते हैं।
सूर्य मीन राशि गोचर 2026 से जुड़े सामान्य प्रश्न
सूर्य का मीन राशि में गोचर 2026 में कब और किस समय होगा
सूर्य 15 मार्च 2026 को रात 1 बजकर 8 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेगा और यह गोचर सूर्य की वार्षिक यात्रा का अंतिम चरण माना जाएगा।
इस गोचर का मानसिक और भावनात्मक स्तर पर मुख्य प्रभाव क्या हो सकता है
इस अवधि में संवेदनशीलता, अंतर्ज्ञान, एकांत की आवश्यकता और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ सकता है जबकि सतही मेलजोल और दिखावे के प्रति सहनशीलता कम हो सकती है।
करियर के लिए यह समय किस प्रकार उपयोगी है
आक्रामक विस्तार की बजाय यह समय योजना बनाने, अधूरे काम पूरे करने और करियर के वास्तविक उद्देश्य को भीतर से समझने के लिए अधिक अनुकूल है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से सूर्य मीन गोचर के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
ऊर्जा में उतार चढ़ाव, थकान या मानसिक धुंध संभव है, इसलिए पर्याप्त नींद, हल्का संतुलित भोजन, जल सेवन और मन को शांत करने वाली साधनाओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
आध्यात्मिक रूप से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश का मुख्य संदेश क्या है
यह गोचर अहं की कठोरता को पिघलाकर विश्वास, क्षमा, समर्पण और मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देता है और नए ज्योतिषीय वर्ष के लिए अंदरूनी तैयारी कराता है।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशिअनुभव: 25
इनसे पूछें: करियर, पारिवारिक मामले, विवाह
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि.
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