By पं. नीलेश शर्मा
उच्च अवस्था में शुक्र का प्रभाव: कला, प्रेम और आध्यात्मिक सुख

28 जनवरी 2025, मंगलवार सुबह 6:42 बजे (IST) शुक्र ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेगा। यह गोचर अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि मीन राशि शुक्र की उच्च राशि है। यद्यपि मीन के स्वामी बृहस्पति से इसका वैर भाव है, फिर भी यहाँ शुक्र अपनी अधिकतम शक्ति प्राप्त करता है। यह अवधि रचनात्मकता, प्रेम, सौंदर्य, भोग और करुणा के भावों को गहराई प्रदान करती है। सभी राशियों के लिए यह समय जीवन में आनंद, संतुलन और आध्यात्मिकता के नए अनुभव लेकर आता है।
बारहवें भाव में शुक्र का गोचर वित्त और संबंधों को प्रभावित करेगा। अविवाहित जातकों के लिए नए संबंधों के योग हैं, जबकि विवाहित व्यक्तियों को स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। खर्चों में वृद्धि संभव है, विशेष रूप से विलासिता और यात्रा पर।
उपाय: शुक्रवार को चाँदी का एक टुकड़ा बटुए में रखें।
आपकी राशि के स्वामी शुक्र का एकादश भाव में उच्च होना इच्छाओं की पूर्ति और समृद्धि का योग बना रहा है। मित्रता और पेशेवर संबंध मजबूत होंगे। बुजुर्गों व परिजनों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय: शुक्रवार को सोने में ओपल या हीरा कनिष्ठा उंगली में धारण करें।
दशम भाव में शुक्र कार्यक्षेत्र में रचनात्मकता और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। विदेश से जुड़े कार्यों और व्यवसाय में लाभ होगा। किसी भिन्न संस्कृति के व्यक्ति से रोमांटिक संबंध संभव हैं।
उपाय: कार्यस्थल पर श्री यंत्र स्थापित करें और प्रतिदिन पूजन करें।
शुक्र का गोचर भाग्य और धर्मभाव को मजबूत करेगा। परिवार में प्रसन्नता और यात्राओं से लाभ मिलेगा। धार्मिक आस्थाएँ बढ़ेंगी।
उपाय: शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा कमल पुष्प से करें।
अष्टम भाव में शुक्र आकर्षण और प्रभावशीलता बढ़ाएगा। मीडिया, कला और वित्तीय क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए यह लाभदायक रहेगा। ससुराल पक्ष से लाभ संभव है।
उपाय: प्रतिदिन माँ महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ करें।
सप्तम भाव में शुक्र का गोचर विवाह और साझेदारी के लिए अत्यंत अनुकूल है। अविवाहितों के लिए विवाह योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन में सौहार्द रहेगा।
उपाय: आर्थिक निर्णयों से पूर्व पिता या गुरु से परामर्श लें।
षष्ठ भाव में शुक्र स्वास्थ्य और कार्यस्थल को प्रभावित करेगा। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा और प्रतियोगी क्षेत्रों में सफलता संभव है।
उपाय: शुक्रवार को सोने में ओपल या हीरा कनिष्ठा उंगली में धारण करें।
पंचम भाव में शुक्र प्रेम, कला और संतान से आनंद देगा। अविवाहितों के लिए नया प्रेम संभव है। यात्रा और मनोरंजन से सुख मिलेगा।
उपाय: शुक्रवार को गुलाबी या क्रीम रंग के वस्त्र पहनें।
चतुर्थ भाव में शुक्र पारिवारिक सुख, संपत्ति और माता से संबंधों में सुधार लाएगा। घर के सौंदर्यीकरण और आतिथ्य कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय: शुक्रवार को घर में सफेद फूल लगाएँ और उनका पालन करें।
तृतीय भाव में शुक्र रचनात्मकता और संवाद में आत्मविश्वास बढ़ाएगा। लेखन, मीडिया या कला से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
उपाय: शुक्रवार को माँ वैभव लक्ष्मी की पूजा करें और उपवास रखें।
द्वितीय भाव में शुक्र का उच्च होना आर्थिक उन्नति और वाणी में मधुरता देगा। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। निवेश के लिए शुभ समय है।
उपाय: प्रतिदिन माँ लक्ष्मी मंत्र का 108 बार जप करें।
लग्न में उच्च शुक्र आकर्षण, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व को निखारेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सामाजिक लोकप्रियता में वृद्धि होगी।
उपाय: प्रतिदिन चंदन और सुगंधित इत्र का प्रयोग करें।
प्रश्न 1: मीन राशि में शुक्र का गोचर शुभ क्यों माना जाता है?
उत्तर: यह गोचर प्रेम, सौंदर्य, रचनात्मकता और करुणा को सर्वोच्च स्तर पर ले जाता है।
प्रश्न 2: कौन-सी राशियों को विशेष लाभ होगा?
उत्तर: वृषभ, तुला, मीन और कर्क राशि वालों को यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल रहेगा।
प्रश्न 3: इस अवधि में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: खर्चों पर नियंत्रण और भावनाओं में संयम आवश्यक रहेगा।
प्रश्न 4: क्या यह समय विवाह और संबंधों के लिए अनुकूल है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश राशियों के लिए यह समय प्रेम और विवाह दोनों में शुभ है।
प्रश्न 5: कौन-से उपाय इस गोचर में लाभदायक रहेंगे?
उत्तर: शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा, चाँदी या हीरे का धारण और सुगंधित वस्त्र पहनना शुभ रहेगा।
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