By पं. संजीव शर्मा
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश प्रेम और आत्मीयता में गहराई लाता है

तिथि: 26 नवम्बर 2025 (बुधवार)
समय: प्रातः 11:27 बजे (IST)
शुक्र ग्रह, जो प्रेम, सौंदर्य, वैभव और संबंधों का प्रतीक है, जब मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करता है तब यह गोचर जीवन में तीव्र भावनात्मक ऊर्जा, गहराई और रूपांतरण का संकेत देता है। वृश्चिक एक जल तत्व राशि है, जो रहस्य, दृढ़ता और आत्मिक शक्ति का प्रतीक मानी जाती है।
यह गोचर संबंधों और वित्तीय विषयों में गहनता लाएगा। व्यक्ति अपनी भावनाओं और इच्छाओं की सच्चाई को पहचानने की ओर अग्रसर होगा। शुक्र का यह संचरण आत्मिक जुड़ाव, भावनात्मक सत्यता और गहरे प्रेम की खोज को प्रोत्साहित करेगा।
यह अवधि प्रतिबद्धता, स्थायित्व और भावनात्मक पुनर्जन्म के लिए अनुकूल है, किंतु साथ ही यह चेतावनी देती है कि ईर्ष्या, नियंत्रण या असंयम से दूरी बनाए रखें। यही समय है जब व्यक्ति को अपने भावनाओं को विवेक के साथ जोड़ना चाहिए और संबंधों को स्थिरता देने हेतु धैर्य अपनाना चाहिए।
करियर में प्रगति के संकेत हैं, परंतु आवेगपूर्ण निवेश से बचें।
वित्तीय लाभ परिश्रम और पूर्व प्रयासों से मिलेंगे।
संबंधों में भावनाएँ गहरी होंगी; प्रेम में संतुलन और संवाद आवश्यक है।
उपाय: शुक्रवार को देवी लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करें।
साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों में स्थिरता मिलेगी।
वैवाहिक जीवन में गर्माहट और आत्मीयता बढ़ेगी।
भावनात्मक संतुलन बनाए रखने से कार्य और प्रेम दोनों में शांति रहेगी।
उपाय: शुक्रवार को सफेद वस्त्र दान करें और शुक्र मंत्र का जाप करें।
कार्य में प्रगति और विदेशी सहयोग से लाभ संभव।
अति भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचें।
संवाद के माध्यम से वैवाहिक संबंधों में सुधार होगा।
उपाय: शुक्रवार को कन्याओं को मिठाई वितरित करें।
भावनात्मक संतुलन और आर्थिक स्थिरता के संकेत हैं।
रचनात्मक कार्यों में लाभ मिलेगा।
साझा संपत्ति में वृद्धि होगी।
उपाय: देवी लक्ष्मी को सफेद पुष्प अर्पित करें।
परिश्रम और समर्पण से मान-सम्मान बढ़ेगा।
वित्तीय मामलों में सावधानी रखें, उधार देने से बचें।
विश्वास और सहमति से संबंध मजबूत होंगे।
उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कार्य में सफलता और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।
रोमांटिक जीवन में गहराई और आकर्षण बढ़ेगा।
नए संबंध बनने के योग हैं।
उपाय: शुक्रवार को हरे वस्त्र पहनें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
वित्तीय वृद्धि और प्रतिष्ठा में सुधार होगा।
निवेश लाभदायक रहेंगे, परंतु सट्टेबाजी से बचें।
प्रेम संबंधों में संवाद से गलतफहमियाँ दूर होंगी।
उपाय: शुक्रवार को गाय को हरी घास खिलाएँ।
शुक्र का गोचर आपके लग्न में है - आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
संयुक्त कार्यों से लाभ मिलेगा।
अति भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचें और नियंत्रण बनाए रखें।
उपाय: शुक्रवार को गुलाबी पुष्प देवी लक्ष्मी को अर्पित करें।
शुक्र द्वादश भाव में रहेगा, जिससे खर्च और भावनात्मक थकान संभव है।
प्रेम जीवन में गहराई आएगी, पर अधिक लिप्तता से बचें।
उपाय: शुक्रवार को पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएँ।
कार्य में प्रगति और आय में वृद्धि के योग हैं।
प्रेम संबंधों में विश्वास और स्थिरता बढ़ेगी।
उपाय: शुक्रवार को केले भगवान विष्णु को अर्पित करें।
कार्य में सामंजस्य और सफलता के योग हैं।
भावनात्मक स्थिरता बनाए रखें।
उपाय: बृहस्पति स्तोत्र का पाठ करें और शिक्षा हेतु दान दें।
शुक्र का गोचर करियर में सम्मान बढ़ाएगा।
प्रेम संबंधों में आत्ममंथन और स्थिरता आएगी।
उपाय: शुक्रवार को हल्के पीले वस्त्र पहनें और ध्यान करें।
यह गोचर प्रेम, भावनाओं, निवेश और मानसिक गहराई को प्रभावित करेगा।
यह गोचर आत्ममंथन और परिवर्तन का अवसर देगा; संयम रखने वाले जातकों के लिए शुभ सिद्ध होगा।
मानसिक तनाव और ईर्ष्या से दूर रहें, ध्यान और प्रार्थना करें।
शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की आराधना करें और सुगंधित पुष्प चढ़ाएँ।
साझा निवेश या पारिवारिक योजनाओं में सतर्कता से लाभ संभव है।
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