By पं. नीलेश शर्मा
6 फरवरी 2026 से शुक्र का कुंभ में प्रवेश, संबंध, वित्त और जीवन शैली पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, वैभव, संपत्ति, सौंदर्य, कला और संबंधों का कारक माना जाता है। जब भी शुक्र राशि बदलता है, तो प्रेम, आकर्षण, आर्थिक स्थिति और आराम की इच्छा में स्पष्ट बदलाव दिखाई देते हैं। वर्ष 2026 में कुंभ राशि में शुक्र गोचर ऐसा समय लेकर आता है जो संबंधों की परिभाषा, धन के उपयोग और जीवन शैली के चुनाव को अधिक समझदार और विचारप्रधान बना सकता है।
यह गोचर उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो संबंध, आर्थिक योजना, रचनात्मकता और सुविधा से जुड़े निर्णय ले रहे हैं। फिर भी यह याद रखना आवश्यक है कि हर परिवर्तन का अनुभव अलग होता है, जो व्यक्ति की जन्म कुंडली, राशि और चल रही दशा के अनुसार बदलता रहता है।
शुक्र गोचर की सही तिथि और समय जानना जरूरी होता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर महत्वपूर्ण काम, संबंधों के निर्णय और आर्थिक योजना को सही समय से जोड़ा जा सकता है।
कुंभ में शुक्र गोचर की यह अवधि भले ही लगभग एक माह से थोड़ी अधिक हो, लेकिन प्रेम, धन, सुख और सामाजिक जुड़ाव के स्तर पर इसकी छाप स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती है। जो लोग इस समय को सजगता और संतुलन के साथ जीते हैं, उनके लिए यह गोचर भीतर और बाहर दोनों स्तर पर बदलाव की तैयारी कर सकता है।
शुक्र स्वभाव से कोमल, आनंदप्रिय और आकर्षण से जुड़ा ग्रह है। यह
इन सभी विषयों पर सूक्ष्म और गहरा प्रभाव डालता है। कुंभ वायु तत्व की, शनि शासित और दूरदर्शी सोच वाली राशि है जो स्वतंत्रता, मित्रता, समानता और नवीन विचारों से जुड़ी है।
जब शुक्र कुंभ राशि में गोचर करता है तब
आर्थिक दृष्टि से कुंभ में शुक्र आधुनिक साधनों, समूह कार्य, नेटवर्क और असामान्य विचारों के माध्यम से धन वृद्धि का संकेत देता है। रचनात्मकता भी तकनीक, डिजिटल माध्यम या सामाजिक विषयों से जुड़कर विशेष रूप से उभर सकती है। आराम और विलास का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बन सकता है, जहाँ कम लेकिन गुणवत्तापूर्ण सुविधा को प्राथमिकता मिलती है। कुल मिलाकर यह गोचर भौतिक सुख और बौद्धिक संतोष के बीच संतुलन बनाने का संदेश देता है।
अब देखते हैं कि कुंभ में शुक्र गोचर बारह राशियों पर किस प्रकार असर डाल सकता है। यह विश्लेषण सामान्य संकेत के रूप में समझना उचित होगा।
मेष राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर ग्यारहवें भाव को सक्रिय करता है, जो लाभ, मित्र मंडली, सामाजिक संपर्क और दीर्घकालिक इच्छाओं से जुड़ा है। यह समय मित्रों और परिचितों से मेलजोल बढ़ाने वाला हो सकता है, साथ ही नई पहचानें भी लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं।
कार्य क्षेत्र में सहयोग, टीम के साथ काम और समूह आधारित परियोजनाएं लाभ दे सकती हैं। आपकी शैली अधिक सौम्य और सहयोगी दिख सकती है, जिससे सहकर्मी और वरिष्ठ आप पर भरोसा कर सकते हैं।
आर्थिक रूप से लाभ और बचत दोनों बढ़ने की संभावना है। प्रोत्साहन, लक्ष्य आधारित लाभ या समूह कार्य के माध्यम से आय में सुधार के संकेत बन सकते हैं।
निजी संबंधों में साथी के साथ सहजता और हल्कापन महसूस हो सकता है। सम्मान और मैत्रीपूर्ण भाव से संबंधों की मिठास बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रूप से अनुकूल रह सकता है, यदि दिनचर्या संतुलित रखी जाए।
शुभ रंग लाल
शुभ अंक 9
वृषभ राशि के लिए कुंभ में शुक्र गोचर दसवें भाव में होता है, जो कार्य, उत्तरदायित्व और प्रतिष्ठा का भाव है। यह समय कार्य क्षेत्र में सजगता, संयम और व्यवस्थित दृष्टि की मांग कर सकता है। छोटी भूल का प्रभाव भी छवि पर पड़ सकता है, इसलिए सावधानी आवश्यक होगी।
प्रतिस्पर्धा, दबाव और समय सीमा का अनुभव हो सकता है, परंतु संतुलित और विचारपूर्ण कार्यशैली स्थिरता दे सकती है। व्यापार में अप्रत्याशित प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, इसलिए आवेग में कोई बड़ा निर्णय लेना उचित नहीं होगा।
आर्थिक स्तर पर योजनाबद्ध खर्च और बचत दोनों पर ध्यान देना आवश्यक होगा। अनावश्यक विलासिता या आवेश में की गई खरीद बाद में बोझ बन सकती है।
निजी जीवन में काम का तनाव कभी कभी साथी के साथ संवाद को प्रभावित कर सकता है, इसलिए थोड़ी सावधानी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य की दृष्टि से पाचन, आँखों की थकावट या तनाव जनित परेशानी से बचने के लिए समय पर आराम लेना आवश्यक रहेगा।
शुभ रंग हल्का गुलाबी
शुभ अंक 6
मिथुन राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर नवें भाव को प्रभावित करता है, जो भाग्य, उच्च शिक्षा, धर्म, गुरु और दूर की यात्राओं से जुड़ा है। इस समय परिवारिक जिम्मेदारियों, बड़ों या बच्चों से जुड़े विषयों के कारण मन पर मानसिक दबाव महसूस हो सकता है।
कार्य क्षेत्र में काम की मात्रा और अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए योजनाबद्ध दिनचर्या और शांत निर्णय बहुत जरूरी होंगे। व्यापार में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है, जबकि खर्च कभी कभी अचानक बढ़ सकते हैं।
संबंधों में संचार की कमी या उलझन से गलतफहमियां हो सकती हैं। स्पष्ट, संयमित और शांत संवाद से ही स्थिति संभल पाएगी।
स्वास्थ्य के स्तर पर पैरों में दर्द, थकान या ऊर्जा की कमी जैसी बातें महसूस हो सकती हैं, इसलिए नियमित विश्राम और सरल व्यायाम आवश्यक रहेंगे। यह गोचर धैर्य, सजगता और स्थिर प्रयास की सीख देता है।
शुभ रंग पीला
शुभ अंक 5
कर्क राशि के लिए कुंभ में शुक्र गोचर अष्टम भाव में होता है, जो गहरे भाव, परिवर्तन, गुप्त धन और शोध से जुड़ा है। इस समय मन में आंतरिक खोज, आध्यात्मिक झुकाव और जीवन के गहन प्रश्नों पर ध्यान बढ़ सकता है।
कार्य क्षेत्र में भीतर से संतोष का अनुभव हो सकता है, विशेषकर यदि काम शोध, विश्लेषण या निवेश से जुड़ा हो। आर्थिक रूप से बचत, योजनाबद्ध निवेश या सोच समझकर किए गए जोखिम के माध्यम से लाभ संभव है।
व्यक्तिगत संबंधों में भावनात्मक समझ बढ़ सकती है, जिससे संबंध गहरे और सच्चे बन सकते हैं। हालांकि प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कम महसूस हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य की देखभाल, पोषण और आराम पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा।
यह गोचर भीतर से रूपांतरण और परिपक्वता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला हो सकता है।
शुभ रंग सफेद
शुभ अंक 2
सिंह राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर सप्तम भाव को सक्रिय करता है, जो विवाह, साझेदारी और निकट संबंधों से जुड़ा है। यह समय जीवनसाथी, परिवार और निकट लोगों के साथ समय बिताने के लिए अच्छा माना जा सकता है।
वैवाहिक और पारिवारिक संबंधों में अपनापन, सुरक्षा और आनंद का अनुभव बढ़ सकता है। कार्य क्षेत्र में भी सहयोग और सौम्य व्यवहार से नए अवसर और सम्मान मिल सकते हैं। नौकरी परिवर्तन या पद में सुधार की संभावना भी बन सकती है।
व्यापार में लाभ की संभावनाएं बढ़ती दिखाई दे सकती हैं। साझेदार के साथ मिलकर लिए गए निर्णय आर्थिक स्थिरता की दिशा में मदद कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रह सकता है, जिससे इस अवधि का आनंद आत्मविश्वास के साथ लिया जा सकता है।
शुभ रंग सुनहरा या लाल
शुभ अंक 1
कन्या राशि के लिए कुंभ में शुक्र गोचर छठे भाव को प्रभावित करता है, जो कार्य, रोग, विरोध और सेवा से संबंध रखता है। यह समय खर्च बढ़ाने वाला और प्रगति को थोड़ा धीमा करने वाला महसूस हो सकता है।
नौकरी या व्यवसाय में अवसर सीमित लग सकते हैं, या प्रगति की गति उतनी तेज न दिखे जितनी अपेक्षा हो। व्यापार विस्तार में रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी के स्थान पर दीर्घकालिक योजना और धैर्य जरूरी होगा।
आर्थिक रूप से बचत कठिन लग सकती है। दैनिक खर्च और आवश्यकताओं के कारण हाथ खुला महसूस हो सकता है, इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी है।
संबंधों में साथी के साथ सामंजस्य बनाए रखने के लिए सचेत प्रयास करने होंगे, क्योंकि काम या स्वास्थ्य का दबाव संबंधों पर असर डाल सकता है। पीठ दर्द, थकान या कमर से जुड़ी परेशानी जैसी शिकायतों पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक रहेगा। यह समय अनुशासन और संतुलन सिखाने वाला है।
शुभ रंग हरा
शुभ अंक 3
तुला राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर पंचम भाव को सक्रिय करता है, जो रचनात्मकता, संतान और भावनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ा है। यह समय मन में भावनात्मक हलचल और खर्च दोनों को बढ़ा सकता है।
बच्चों, शिक्षा या रचनात्मक परियोजनाओं पर खर्च बढ़ने के संकेत हैं। कार्य क्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है, जिससे निर्णय लेने में थोड़ी दुविधा या तनाव महसूस हो सकता है।
व्यापार में सामान्य परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन विवेकपूर्ण और सोचे समझे जोखिम से कुछ अच्छे लाभ भी मिल सकते हैं, विशेषकर यदि काम रचनात्मक या योजना आधारित हो।
प्रेम संबंधों में भावनात्मक उतार चढ़ाव संभव हैं, इसलिए संवाद और विश्वास पर काम करना जरूरी रहेगा। स्वास्थ्य के लिए खानपान और मधुर पदार्थों पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है, विशेषकर यदि शुगर या ऊर्जा संतुलन की चिंता हो।
शुभ रंग नीला
शुभ अंक 6
वृश्चिक राशि के लिए कुंभ में शुक्र गोचर चतुर्थ भाव को प्रभावित करता है, जो घर, माता, मानसिक शांति और संपत्ति का भाव है। इस समय घर की बातों, परिवारिक वातावरण और भावनात्मक उतार चढ़ाव पर ध्यान बढ़ सकता है।
परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद या असहमति महसूस हो सकती है, जिस पर धैर्य और सुनने की कला से ही संतुलन वापस लाया जा सकता है।
कार्य क्षेत्र में काम का दबाव बढ़ने से मन में असंतोष या थकान की भावना आ सकती है। व्यापार में वृद्धि की गति सीमित रह सकती है, इसलिए बड़े विस्तार की बजाय स्थिरता पर फोकस करना बेहतर रहेगा।
आर्थिक स्तर पर खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। जीवनसाथी या परिवार के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ने की संभावना भी बन सकती है। यह समय भावनात्मक परिपक्वता, धैर्य और जिम्मेदारी से निर्णय लेने की सीख देता है।
शुभ रंग गहरा लाल
शुभ अंक 8
धनु राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर तृतीय भाव को सक्रिय करता है, जो साहस, संवाद, छोटे सफर और भाई बहन से जुड़ा है। यह समय आत्मविश्वास और बात रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
कार्य क्षेत्र में परिवर्तन के अवसर सामने आ सकते हैं, जो बेहतर आय या सुविधाओं की दिशा में हो सकते हैं। व्यापार में संतोष सीमित रह सकता है, परंतु संबंधों और संपर्कों का विस्तार भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
आर्थिक रूप से लाभ सीमित हो सकते हैं, इसलिए बजट और योजना पर ध्यान देना जरूरी होगा। संबंधों में संवाद की कमी से गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए स्पष्ट और शांत भाषा का प्रयोग आवश्यक रहेगा।
स्वास्थ्य के स्तर पर तनाव या पैरों में दर्द जैसी शिकायतें सामने आ सकती हैं, जिनको नजरअंदाज न करना चाहिए। यह गोचर आत्मविश्वास और स्पष्ट अभिव्यक्ति की महत्ता याद दिलाता है।
शुभ रंग बैंगनी
शुभ अंक 7
मकर राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर द्वितीय भाव में होता है, जो धन, वाणी, परिवार और मूल्यों से संबंधित है। यह समय आर्थिक स्तर पर सुधार और आत्मविश्वास में वृद्धि का संकेत देता है।
कार्य क्षेत्र में वरिष्ठों की प्रशंसा, जिम्मेदारी में वृद्धि और पदोन्नति जैसे अवसर सामने आ सकते हैं। व्यापार में भी लाभ और विस्तार के संकेत मिल सकते हैं।
धन के स्तर पर स्थिरता बढ़ सकती है और मन में अपनी इच्छाओं को पूरा करने की क्षमता का अनुभव हो सकता है। परिवार के साथ समय बिताने और मधुर संवाद करने से संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सामान्य रूप से स्थिति अनुकूल रह सकती है, बीच बीच में मौसमजनित छोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं जिन्हें सामान्य सावधानी से संभाला जा सकता है।
शुभ रंग काला
शुभ अंक 4
कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का कुंभ में गोचर प्रथम भाव को सक्रिय करता है, जो व्यक्तित्व, आकर्षण और आत्म अभिव्यक्ति से जुड़ा है। यह समय स्वभाव को अधिक कोमल, आकर्षक और आत्मविश्वासी बना सकता है।
कार्य क्षेत्र में आपकी छवि मजबूत हो सकती है। अवसर आपकी रुचियों के अनुरूप मिल सकते हैं, जिससे संतोष और प्रेरणा दोनों बढ़ेंगे। व्यापार में भी स्थिति मजबूत दिख सकती है और प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के अवसर बन सकते हैं।
धन के स्तर पर लाभ संभव हैं, हालांकि परिवार और प्रियजनों पर खर्च बढ़ने की संभावना भी रहेगी। संबंधों में खुले संवाद से निकटता और विश्वास दोनों बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य के स्तर पर ऊर्जा अच्छी रह सकती है। यदि दिनचर्या संतुलित रहे तो यह समय शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से सहायक सिद्ध हो सकता है।
शुभ रंग चांदी जैसा
शुभ अंक 11
मीन राशि वालों के लिए कुंभ में शुक्र गोचर द्वादश भाव में होता है, जो व्यय, विदेश, एकांत और अंतरतम से जुड़ा भाव माना जाता है। यह समय धन प्रबंधन और संबंध दोनों में सजगता की आवश्यकता बढ़ा सकता है।
खर्चों में वृद्धि संभव है, विशेषकर परिवारिक आवश्यकताओं या यात्राओं के कारण। करियर में दबाव के चलते मन में परिवर्तन की इच्छा भी जाग सकती है।
व्यापार में प्रतिस्पर्धा से लाभ सीमित हो सकते हैं, इसलिए अत्यधिक जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा। यात्रा के दौरान धन और सामान की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
संबंधों में धैर्य की कमी या थकान के कारण विवाद बढ़ सकते हैं, इसलिए शांत और संतुलित संवाद ही संबंधों को सुरक्षित रख पाएगा। भाई बहन या निकट संबंधियों के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ने की संभावना भी बन सकती है।
शुभ रंग समुद्री हरा
शुभ अंक 9
कुल मिलाकर कुंभ में शुक्र गोचर 6 फरवरी 2026 प्रेम, धन और सुख के मामलों में संतुलित दृष्टि विकसित करने का अवसर देता है। कुछ राशियों के लिए यह समय आय वृद्धि, संबंधों में सहयोग और रचनात्मक संतोष लेकर आएगा, जबकि कुछ के लिए धैर्य, संयम और आर्थिक अनुशासन की सीख अधिक प्रमुख रहेगी।
जो लोग इस गोचर के दौरान संबंधों में सम्मान, धन के उपयोग में विवेक और सुख की खोज में सरलता अपनाते हैं, उनके लिए यह अवधि भीतर और बाहर दोनों स्तर पर संतुलन बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। यही शुक्र गोचर का मूल संदेश है कि प्रेम, सुविधा और वैभव के बीच भी आत्मसम्मान, संतुलन और जागरूकता को स्थान देना आवश्यक है।
1. कुंभ में शुक्र गोचर 2026 कब होगा
कुंभ में शुक्र गोचर 6 फरवरी 2026, शुक्रवार, दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा और 1 मार्च 2026 तक शुक्र इसी राशि में स्थित रहेगा। इसके बाद 2 मार्च 2026 से शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेगा।
2. ज्योतिष में शुक्र क्या दर्शाता है
ज्योतिष में शुक्र प्रेम, सौंदर्य, वैभव, आराम, संबंधों और रचनात्मकता का कारक माना जाता है। यह कला, संगीत, सुगंधित वस्तुओं, सहजीवन और जीवन में प्राप्त सुखद अनुभवों को भी सूक्ष्म रूप से प्रभावित करता है।
3. शुक्र किन राशियों का स्वामी होता है
शुक्र वृषभ और तुला राशियों का स्वामी माना जाता है। वृषभ में यह भोग, स्थिर संपत्ति और आराम को बढ़ाता है, जबकि तुला में संतुलन, सौंदर्य बोध और संबंधों में सौहार्द को मजबूत करता है।
4. शुक्र सामान्य रूप से एक राशि में कितने दिन रहता है
सामान्य स्थिति में शुक्र लगभग 30 दिनों के आसपास एक राशि में स्थित रहता है। ग्रह की गति में परिवर्तन के कारण यह अवधि कुछ कम या अधिक भी हो सकती है, परंतु साधारण मान लगभग एक माह का ही माना जाता है।
5. क्या कुंभ में शुक्र गोचर प्रेम और संबंधों के लिए शुभ माना जा सकता है
कुंभ में शुक्र गोचर प्रेम और संबंधों में अधिक व्यावहारिक और मित्रवत दृष्टि ला सकता है। यह समय संबंधों में समझ, स्वतंत्रता और एक दूसरे को स्थान देने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है, जबकि कुछ लोगों के लिए भावनात्मक अभिव्यक्ति पहले की तुलना में हल्की या कम गहन महसूस हो सकती है। ऐसे समय में स्पष्ट, शांत और ईमानदार संवाद संबंधों को संतुलित और सुरक्षित बनाए रखने की कुंजी बन जाता है।
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