By पं. सुव्रत शर्मा
भावनात्मक गहराई से साहसी निर्णय तक, इस महीने के प्रेम और आराम का मार्गदर्शन

मार्च 2026 ऐसा महीना है जब दिल की भाषा, आकर्षण की दिशा और सुख भोगने का तरीका सब थोड़ा थोड़ा बदलने वाला है। शुरुआत बहुत नरम, भावुक और गहराई से भरी रहेगी, फिर महीने के अंत की ओर चलते चलते ऊर्जा तेज, सीधी और परिणाम चाहने वाली हो जाएगी। मन, रिश्ता, सौंदर्य बोध और धन से जुड़े छोटे छोटे निर्णय भी इस बदलाव की छाप लेकर चलेंगे।
मार्च 2026 की शुरुआत में शुक्र मीन राशि में रहेगा और 26 मार्च को मेष में प्रवेश करेगा। मीन में शुक्र मन को कोमल, कल्पनाशील और आध्यात्मिक प्रेम की ओर ले जाता है। मेष में वही शुक्र अचानक तेज, स्पष्ट और पहल करने वाला बन जाता है। यही कारण है कि यह महीना भावनात्मक गहराई और साहसिक कदम, दोनों का संगम बन सकता है।
नीचे दी गई सारणी में मार्च 2026 में शुक्र के राशिगत गोचर को संक्षेप में रखा गया है। समय भारतीय मानक समय के अनुसार है।
| ग्रह | गोचर राशि | तिथि | समय | वार |
|---|---|---|---|---|
| शुक्र | मीन | 2 मार्च 2026 | रात 1 बजकर 1 मिनट | सोमवार |
| शुक्र | मेष | 26 मार्च 2026 | सुबह 5 बजकर 13 मिनट | गुरुवार |
शुक्र केवल प्रेम का ग्रह नहीं है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र आकर्षण, आराम, विलास, कला, संबंध, आनंद, परिष्कार, सौंदर्य, धन और संतुलित रूप से जीवन का सुख भोगने की क्षमता का सूचक है। जब शुक्र राशि बदलता है तो जीवन का स्वाद बदल जाता है। चाहतों की दिशा, स्नेह जताने का अंदाज़ और धन सम्बन्धी कई निर्णयों का भाव भी बदलने लगता है।
मीन राशि को शुक्र के लिए अत्यंत सहयोगी राशियों में गिना जाता है। यहाँ शुक्र की ऊर्जा नरम, भावनात्मक रूप से समझदार और भीतर तक रोमानी हो जाती है। इस समय आकर्षण केवल रूप रंग तक सीमित नहीं रहता बल्कि उस सौंदर्य की ओर खिंचाव बढ़ता है जिसमें अर्थ, संवेदना और आत्मीयता हो।
इस चरण में प्रेम का स्वभाव कम लेन देन वाला और अधिक आत्मिक हो जाता है। सच्चे अपनापन, दिल से जुड़े रिश्ते और गहरे भावनात्मक बंधन का महत्व बढ़ने लगता है। मित्रता भी अधिक गर्माहट और भरोसे से भरी महसूस हो सकती है।
यह गोचर इन प्रवृत्तियों को विशेष रूप से बढ़ाता है।
यह समय उन लोगों के लिए बहुत सहायक हो सकता है जिनका काम सृजन, सौंदर्य, विलास सामग्री, वस्त्र अलंकरण, संगीत, चलचित्र, सामग्री निर्माण या संबंध आधारित कार्यों से जुड़ा है। वातावरण में सामंजस्य, उपचार और गहरे भाव व्यक्त करने की क्षमता बढ़ जाती है।
जहाँ मीन में शुक्र प्रेम को ऊँचाई देता है, वहीं एक पक्ष अधिक आदर्शवाद का भी होता है। कई बार व्यक्ति सामने वाली स्थिति को बहुत सुंदर रूप में देख लेता है और संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देता है। रिश्तों में लाल संकेत दिखते हुए भी केवल दिल की आवाज़ पर भरोसा करने की प्रवृत्ति बन सकती है।
इस समय इन बातों का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा।
यदि व्यक्ति मीन में शुक्र की भावनात्मक गहराई को जागरूकता के साथ संभाले तो यह समय रिश्तों और सृजन, दोनों के लिए बहुत पवित्र बन सकता है।
जब शुक्र 26 मार्च की सुबह मेष राशि में प्रवेश करेगा तो वातावरण की तरंगें अचानक बदलती महसूस हो सकती हैं। मेष मंगल की स्वामित्व वाली अग्नि राशि है, इसलिए यहाँ शुक्र अधिक सक्रिय, तेज और सीधा हो जाता है। आकर्षण अचानक जागता है, बात दिल में रखने की बजाय सीधे कह देने का साहस बढ़ता है।
इस गोचर के दौरान प्रेम और चाहत का अंदाज़ कुछ ऐसा हो सकता है।
यह समय व्यक्तिगत छवि को नया रूप देने, नए सहयोग शुरू करने, किसी नए प्रयास में कदम रखने और संबंधों में पहला कदम बढ़ाने के लिए ऊर्जा प्रदान कर सकता है। जो लोग हमेशा झिझक के कारण पीछे रह जाते हैं, उनके लिए यह गोचर अपने मन की बात कहने का साहस दे सकता है।
मेष की अग्नि शुक्र को साहसी तो बना देती है, पर साथ ही आवेग और अधीरता का खतरा भी बढ़ जाती है। अचानक खर्च, रिश्तों में झुंझलाहट, तकरार या अपने अहम को ज़्यादा महत्व देना इस अवधि का चुनौतीपूर्ण पक्ष हो सकता है।
इस समय संतुलन के लिए कुछ बातों पर ध्यान बेहतर रहेगा।
यदि मेष में शुक्र की तेज़ी के साथ धैर्य का थोड़ा स्पर्श जोड़ दिया जाए तो यह गोचर बहुत कुछ आगे बढ़ाने की ताकत दे सकता है।
मार्च की शुरुआत में जब शुक्र मीन राशि में है तो महीने का पूरा माहौल नरमी, रोमांस और भावनात्मक उपचार की ओर झुका हुआ लगता है। यह समय अंदरूनी घावों को भरने, दिल की बात समझने और संबंधों में करुणा बढ़ाने के लिए बहुत अनुकूल होता है। जीवन में सौंदर्य की तलाश केवल बाहरी चीज़ों में नहीं बल्कि भाव, भक्ति और गहराई में भी होने लगती है।
महीने के अंतिम हिस्से में जब शुक्र मेष में आता है तो वही प्रेम ऊर्जा अचानक कर्मशील रूप लेने लगती है। आकर्षण तुरंत महसूस होता है, कदम तेज़ उठते हैं और अपने मन की बात कहने का मन करता है। यहाँ भावनात्मक उपचार के बाद जीवन में आगे बढ़ने की, नया प्रयास करने की और अपनी खुशी के लिए स्पष्ट चुनाव करने की इच्छा सामने आती है।
एक तरह से मार्च 2026 में शुक्र की यह यात्रा दो महत्वपूर्ण पाठ सिखाती है।
जो व्यक्ति महीने के पहले भाग में भावनाओं को समझने, पुराने बोझ को हल्का करने और सौंदर्य को भीतर तक महसूस करने में सजग रहे और दूसरे भाग में उसी समझ के आधार पर स्पष्ट एवं संतुलित कदम उठाए, उसके लिए मार्च 2026 भावनात्मक सुंदरता और साहसिक प्रगति दोनों को एक साथ देने वाला समय बन सकता है।
मार्च 2026 शुक्र गोचर से जुड़े सामान्य प्रश्न
मार्च 2026 में शुक्र मीन और मेष में कब कब रहेगा
शुक्र 2 मार्च 2026 की रात से मीन राशि में रहेगा और 26 मार्च 2026 की भोर के समय मेष राशि में प्रवेश करेगा, जहाँ से नई तेज़ और सीधी ऊर्जा शुरू होगी।
मीन में शुक्र रहने पर रिश्तों में क्या मुख्य बदलाव महसूस हो सकते हैं
इस अवधि में भावनात्मक जुड़ाव, आत्मीयता, क्षमा और गहरे प्रेम की भावना बढ़ सकती है और रिश्तों से केवल लाभ की सोच हटकर आत्मिक निकटता पर ज़्यादा ध्यान आता है।
मेष में शुक्र के दौरान प्रेम और व्यवहार किस दिशा में बदल सकता है
मेष में शुक्र आकर्षण को तेज़ और सीधा बना देता है। लोग अपनी पसंद खुलकर जताना चाहते हैं, जल्दी निर्णय लेते हैं और कभी कभी आवेग में बोल या खर्च कर बैठते हैं।
शुक्र के इस गोचर का आर्थिक निर्णयों पर क्या असर पड़ सकता है
मीन के समय भावुकता में खर्च बढ़ सकता है, जबकि मेष के समय आवेग में खर्च या निवेश का खतरा रहता है, इसलिए दोनों ही चरणों में संतुलित और सोच समझकर आर्थिक निर्णय लेना उचित है।
मार्च 2026 के पूरे शुक्र गोचर से क्या जीवनमूलक सीख ली जा सकती है
यह गोचर सिखाता है कि पहले दिल को गहराई से समझना और साफ करना ज़रूरी है, फिर उसी समझ के आधार पर साहसिक और स्पष्ट कदम उठाना चाहिए, ताकि प्रेम और प्रगति दोनों संतुलित बने रहें।
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