By पं. अभिषेक शर्मा
शनि के वक्री होने से 13 जुलाई से मिथुन, कर्क, मकर राशि को मिलेगा अप्रत्याशित लाभ

13 जुलाई 2025 को शनि मीन राशि में वक्री होंगे, जिससे लगभग 50 वर्षों बाद महा विपरीत राजयोग का निर्माण होगा। यह योग जीवन में चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता देता है और इस बार तीन राशियों के लिए यह समय भाग्य का अप्रत्याशित द्वार खोलेगा।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह योग तब बनता है जब 6वें, 8वें या 12वें भाव के स्वामी एक-दूसरे के भावों में या संयुक्त रूप से स्थित हों। त्रिक भाव सामान्यतः अशुभ माने जाते हैं, लेकिन इनके स्वामी जब विशिष्ट संयोजन बनाते हैं, तो जातक को अचानक धन, संपत्ति, वाहन, सामाजिक मान और उपलब्धियाँ प्राप्त होती हैं।
1. महा विपरीत राजयोग कितने समय में बनता है?
लगभग 50 साल में एक बार।
2. किन राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा?
मिथुन, कर्क और मकर राशि।
3. क्या यह योग अचानक लाभ देता है?
हाँ, धन और अवसर अचानक प्राप्त होते हैं।
4. क्या यह सभी राशियों को लाभ देता है?
सभी को हल्का असर मिलेगा, लेकिन तीन राशियाँ मुख्य लाभार्थी हैं।
5. क्या उपाय करना चाहिए?
दान-पुण्य, सकारात्मक सोच और नए प्रयास।
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