By पं. सुव्रत शर्मा
जानिए कालिया नाग, श्रीकृष्ण के साहस और यमुना के शुद्धिकरण की मार्मिक कथा, जो अहंकार और नकारात्मकता पर विजय का प्रतीक है।

भारतीय पौराणिक कथाओं में कालिया नाग की कथा साहस, करुणा और आध्यात्मिक संदेश से भरी है। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में से यह कथा सबसे लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें अहंकार, विष, नकारात्मकता और ईश्वर की कृपा का गहरा संवाद मिलता है।
कालिया नाग अत्यंत विषैला नाग था। गरुड़ से शत्रुता के कारण वह समुद्र छोड़कर वृंदावन के पास यमुना के एक कुंड में रहने लगा।
यमुना का यह भाग ऋषि शौनक के श्राप के कारण गरुड़ के लिए निषिद्ध था, इसलिए कालिया को सुरक्षित शरण मिल गई।
कालिया नाग के विष से यमुना का जल काला और घातक हो गया। जल पीने वाले पशु, पक्षी, मछलियाँ और पेड़-पौधे भी मरने लगे।
जीवनदायिनी यमुना ब्रजवासियों के लिए संकट का कारण बन गई।
एक दिन श्रीकृष्ण मित्रों के साथ खेलते हुए यमुना किनारे पहुँचे। गेंद जल में गिर गई और श्रीकृष्ण उसे लेने नदी में कूद गए।
कालिया ने उन्हें अपने फनों से जकड़ लिया, पर श्रीकृष्ण ने दिव्य शक्ति से खुद को मुक्त कर लिया।
श्रीकृष्ण कालिया के 101 फनों पर चढ़कर नृत्य करने लगे।
उनके चरणों के प्रहार से कालिया दुर्बल हो गया, रक्त बहने लगा और वह पूरी तरह पराजित हो गया।
कालिया की पत्नियाँ छोटे बच्चों के साथ श्रीकृष्ण के चरणों में गिर पड़ीं।
उन्होंने करुणा की प्रार्थना की और अपने पति के जीवन की रक्षा की विनती की।
श्रीकृष्ण ने दया दिखाते हुए कालिया को जीवनदान दिया और उसे आदेश दिया कि वह यमुना छोड़कर समुद्र लौट जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि उसके शरीर पर लगे उनके पदचिह्न उसे गरुड़ से सुरक्षा देंगे।
कालिया नाग के चले जाने से यमुना का जल फिर से निर्मल और पवित्र हो गया। ब्रजवासियों के लिए भय समाप्त हुआ और जीवन सामान्य हो गया।
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कालिया नाग का दमन यह दर्शाता है कि अहंकार, कलुष और विष चाहे कितना भी प्रबल हो, ईश्वर की कृपा से उसका अंत सम्भव है।
दंड के बाद श्रीकृष्ण द्वारा क्षमा देना करुणा और दया के सर्वोच्च महत्व को दर्शाता है।
यमुना का शुद्ध होना यह संदेश देता है कि जीवन में पवित्रता, संतुलन और सकारात्मकता आवश्यक है।
| घटना | विवरण |
|---|---|
| कालिया का वास | यमुना नदी, गरुड़ से शत्रुता के कारण |
| यमुना का विषाक्त होना | जल, जीव-जंतु, पेड़-पौधों का नाश |
| श्रीकृष्ण का दमन | फनों पर नृत्य, पराजय और क्षमा |
| नाग पत्नियों की प्रार्थना | पति की रक्षा की विनती |
| श्रीकृष्ण का आदेश | कालिया को समुद्र भेजा, पदचिह्न से सुरक्षा |
| यमुना का शुद्धिकरण | जल निर्मल हुआ, ब्रजवासियों को राहत |
1. कालिया नाग यमुना में क्यों आया?
गरुड़ से शत्रुता के कारण वह समुद्र छोड़कर यमुना के उस हिस्से में आ गया जहाँ गरुड़ प्रवेश नहीं कर सकता था।
2. कालिया नाग इतना विषैला क्यों था?
वह कश्यप और कद्रू के पुत्रों में से एक था, और उसकी प्रकृति अत्यंत विषैली मानी जाती है।
3. श्रीकृष्ण ने कालिया को मारने के बजाय क्षमा क्यों किया?
क्योंकि नाग पत्नियों की प्रार्थना और कालिया की शरणागति देखकर उन्होंने दया दिखाई।
4. श्रीकृष्ण के दमन के बाद यमुना कैसे शुद्ध हुई?
कालिया के हटते ही विष समाप्त हुआ और नदी का जल फिर से पवित्र बन गया।
5. कालिया के शरीर पर श्रीकृष्ण के पदचिह्न का क्या अर्थ है?
यह दिव्य सुरक्षा का प्रतीक था जिससे गरुड़ भी उसे कोई हानि नहीं पहुँचा सकता था।
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