By पं. संजीव शर्मा
जानिए कैसे पुष्य नक्षत्र के चारों पद आपके स्वभाव, करियर और आध्यात्मिक जीवन को आकार देते हैं

पुष्य नक्षत्र को ‘पोषणकर्ता’ कहा जाता है, जो जीवन में समृद्धि, सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा लाता है। इसके चारों चरण जीवन के चार अलग-अलग आयामों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हर पद की अपनी विशिष्ट ऊर्जा, स्वभाव, करियर दिशा और चुनौतियाँ होती हैं।
| पद | डिग्री सीमा | नवांश | स्वामी | मुख्य गुण | नाम अक्षर |
|---|---|---|---|---|---|
| प्रथम | 03°20′ – 06°40′ | सिंह | सूर्य | नेतृत्व, आत्मविश्वास | हु |
| द्वितीय | 06°40′ – 10°00′ | कन्या | बुध | सेवा, अनुशासन | हे |
| तृतीय | 10°00′ – 13°20′ | तुला | शुक्र | सौंदर्य, संतुलन | हो |
| चतुर्थ | 13°20′ – 16°40′ | वृश्चिक | मंगल | गहराई, रहस्य | ड |
पुष्य नक्षत्र - पोषण, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
ऊर्जा: नेतृत्व, प्रेरणा, आत्मविश्वास
इस पद के जातक जन्मजात नेता होते हैं। परिवार और समाज में इनकी बातों को महत्व दिया जाता है। सूर्य की ऊर्जा इनके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाती है।
करियर: प्रशासन, सेना, शिक्षा, नेतृत्व भूमिकाएँ
चुनौतियाँ: कभी-कभी अहंकार या नियंत्रण की प्रवृत्ति
ऊर्जा: सेवा, व्यावहारिकता, अनुशासन
ये जातक जिम्मेदार, मेहनती और विश्लेषणात्मक होते हैं। परिवार और समाज के लिए आधारस्तंभ की भूमिका निभाते हैं।
करियर: चिकित्सा, सलाहकार, अनुसंधान, सरकारी सेवा
चुनौतियाँ: परफेक्शनिज्म, आत्म-आलोचना
ऊर्जा: सौंदर्य, संतुलन, सामाजिकता
ये लोग कलात्मक, आकर्षक और संतुलित जीवन जीना पसंद करते हैं। रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने में माहिर होते हैं।
करियर: कला, मीडिया, फैशन, डिप्लोमेसी
चुनौतियाँ: निर्णय लेने में असमंजस
ऊर्जा: गहराई, भावनात्मकता, परिवर्तन
ये जातक गहरे विचारों वाले, संवेदनशील और रहस्यमयी होते हैं। जीवन में बड़े परिवर्तन अनुभव करते हैं।
करियर: मनोविज्ञान, रिसर्च, सुरक्षा, रहस्यविद्या
चुनौतियाँ: भावनात्मक उतार–चढ़ाव, शंका
पुष्य नक्षत्र के चारों पद जीवन के अलग-अलग आयामों को प्रकट करते हैं। यदि कोई जातक पुष्य नक्षत्र में जन्मा है, तो उसके व्यवहार, करियर दिशा, भावनात्मक स्वभाव और जीवन के अनुभवों पर पद का विशेष प्रभाव होता है।
1. कौन सा पद सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है?
चतुर्थ पद अपनी गहराई और परिवर्तनकारी ऊर्जा के कारण अधिक प्रभावशाली माना जाता है।
2. क्या पुष्य नक्षत्र हमेशा शुभ होता है?
हाँ, यह नक्षत्र अत्यंत शुभ माना जाता है, विशेषकर नए कार्यों के लिए।
3. क्या पुष्य नक्षत्र आध्यात्मिकता से जुड़ा है?
हाँ, खासकर चतुर्थ पद वाले जातक आध्यात्मिक रूप से गहरे होते हैं।
4. क्या इस नक्षत्र में किए गए कार्य सफल होते हैं?
पुष्य नक्षत्र को अमृत नक्षत्र कहा गया है, इसलिए इसमें किए गए कार्य शुभ फल देते हैं।
5. क्या पुष्य नक्षत्र जातक भावुक होते हैं?
अधिकतर, और पद के अनुसार भावुकता का स्तर बदलता है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
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