By पं. अभिषेक शर्मा
जानिए चतुर्थ भाव का वैदिक महत्व, पारिवारिक सुख, माता का आशीर्वाद, संपत्ति, मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता पर इसका प्रभाव

कुंडली का चतुर्थ भाव वैदिक ज्योतिष में उस केंद्र के रूप में माना जाता है जो मनुष्य के आंतरिक सुख का मार्ग बनाता है। यह भाव बताता है कि घर परिवार माता और मानसिक शांति जीवन की दिशा को कैसे प्रभावित करते हैं। चतुर्थ भाव का प्रभाव गहरा माना जाता है क्योंकि यह जीवन की स्थिरता और भावनात्मक संतुलन से जुड़ा होता है। यह भी माना गया है कि इस भाव में प्रकट होने वाले सुख पूर्वजन्म के संस्कारों के कारण भी दिखाई देते हैं।
ज्योतिष शास्त्र: जीवन का मार्गदर्शक प्राचीन विज्ञान
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| भाव संख्या | चतुर्थ |
| संस्कारिक नाम | बंधु भाव मातृ भाव |
| तत्व | जल |
| स्वाभाविक राशि | कर्क Cancer |
| स्वाभाविक ग्रह | चंद्रमा Moon |
| संबंधित अंग | छाती फेफड़े स्तन |
| जीवन की अवस्था | युवावस्था का मध्य भाग |
| कालपुरुष कुंडली | कर्क राशि चौथे भाव में मानी जाती है |
| क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| माता और पारिवारिक सुख | माता के स्वास्थ्य स्वभाव और संबंध इसी भाव से देखे जाते हैं। शुभ होने पर जातक को माता का स्नेह और संरक्षण प्राप्त होता है। |
| अचल संपत्ति और वाहन | भवन जमीन वाहन और संपत्ति से संबंधित सभी पहलू इसी भाव के अंतर्गत आते हैं। |
| सुख सुविधाएं | घर परिवार आरामदायक जीवनशैली और मानसिक संतोष का दर्पण यही भाव है। |
| आंतरिक शांति | मानसिक स्थिरता और भावनात्मक संतुलन इसी भाव की शक्ति से उत्पन्न होते हैं। |
| पूर्वजन्म के संस्कार | पिछले जन्म के कर्म इस भाव में प्रकट होते हैं और वर्तमान जीवन के सुख पर प्रभाव डालते हैं। |
| शिक्षा और बचपन | प्रारंभिक शिक्षा और बचपन का वातावरण भी इसी भाव से जुड़ा माना जाता है। |
| ग्रह | परिणाम |
|---|---|
| चंद्रमा | भावुकता मानसिक शांति माता से गहरा लगाव |
| शुक्र | सुंदर घर वाहन विलासिता और आराम |
| शनि | स्थिरता लेकिन समय पर सुख विलंब से प्राप्त होते हैं |
| मंगल | भूमि वाहन और संपत्ति के योग बनते हैं पर अशांति भी आ सकती है |
| बुध | शिक्षा और घर के संवाद पर प्रभाव करता है |
मजबूत चतुर्थ भाव जातक को कई प्रकार के सुख प्रदान करता है
कमजोर चतुर्थ भाव से कई प्रकार की कठिनाइयां आ सकती हैं
इस युति से सुंदर घर कला संगीत और विलासिता मिलती है।
संपत्ति देर से मिलती है पर स्थिर रूप में मिलती है।
विदेश में संपत्ति और अनोखे आवास के योग बनते हैं।
चतुर्थ भाव बताता है कि व्यक्ति को जीवन में कितना स्थिर और सुखद वातावरण प्राप्त होगा। यह भाव जितना मजबूत होता है व्यक्ति का मानसिक संतुलन उतना ही बेहतर होता है। कमजोर भाव जीवन में अस्थिरता और भावनात्मक उतार चढ़ाव ला सकता है। इस भाव का अध्ययन परिवार संपत्ति और मानसिक शांति को गहराई से समझने का साधन है।
चौथा भाव किन जीवन क्षेत्रों को प्रभावित करता है
माता संपत्ति घर परिवार और मानसिक शांति।
चंद्रमा चौथे भाव में होने पर क्या फल मिलता है
भावनात्मक संतुलन सुंदर घर और माता का स्नेह मिलता है।
क्या चौथा भाव संपत्ति का संकेत देता है
हां यह घर जमीन वाहन और अचल संपत्ति का मुख्य संकेतक है।
शनि चौथे भाव में हो तो क्या असर होता है
सुख देर से मिलता है पर स्थिरता अधिक होती है।
कमजोर चतुर्थ भाव को कैसे समझें
जब पाप ग्रह स्थित हों या चतुर्थेश कमजोर हो तब यह भाव कमजोर माना जाता है।
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