By पं. संजीव शर्मा
प्रत्येक पाद के प्रभाव, स्वभाव और करियर में भूमिका का विस्तारपूर्वक विवेचन

आर्द्रा नक्षत्र (मिथुन 6°40' से 20°00') का प्रत्येक पाद जातक के स्वभाव, सोच, करियर और जीवन अनुभवों में विशिष्ट अंतर लाता है। राहु का प्रभाव और रुद्र ऊर्जा इसे परिवर्तन, शोध, साहस और आत्म-जागरण का प्रतीक बनाते हैं।
डिग्री: 6°40' – 10°00'
नवांश: धनु
स्वामी ग्रह: बृहस्पति
इस पाद के जातक जीवन में गहरे अर्थ, ज्ञान और उद्देश्य खोजते हैं। परोपकार, धर्म, न्याय और सत्य के प्रति झुकाव रहता है। गहन चिंतन और अध्ययन इनकी ताकत है।
शोध, शिक्षा, धर्म, यात्रा, समाज सेवा, काउंसलिंग
जांघ, कूल्हे, जिगर संबंधित समस्याएँ
डिग्री: 10°00' – 13°20'
नवांश: मकर
स्वामी ग्रह: शनि
यह पाद जातक को गंभीर, योजनाबद्ध, मेहनती और स्थिर बनाता है। आर्थिक सुरक्षा, सत्ता, नेतृत्व और समाज में प्रतिष्ठा की चाह प्रबल रहती है।
प्रशासन, राजनीति, प्रबंधन, सरकारी सेवा, निर्माण क्षेत्र
घुटने, हड्डियाँ, त्वचा
डिग्री: 13°20' – 16°40'
नवांश: कुंभ
स्वामी ग्रह: शनि
ये जातक नवाचार, स्वतंत्रता और सामाजिक सुधार की ओर झुकाव रखते हैं। विज्ञान, तकनीक और आविष्कारों में अभिरुचि होती है। विचारों में मौलिकता और मित्रता इनकी पहचान है।
विज्ञान, तकनीक, आईटी, सामाजिक सेवा, नवाचार
रक्तचाप, नसें, टखनों की समस्याएँ
डिग्री: 16°40' – 20°00'
नवांश: मीन
स्वामी ग्रह: बृहस्पति
इस पाद के जातक भावुक, कोमल और आध्यात्मिक होते हैं। संगीत, कला, साहित्य और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहज रुचि। करुणा और सेवा भाव प्रबल।
कला, संगीत, साहित्य, चिकित्सा, काउंसलिंग, आध्यात्मिकता
पैर, रक्त, नींद संबंधित समस्याएँ
| पाद | नवांश | स्वामी ग्रह | गुण/स्वभाव | उपयुक्त क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम | धनु | बृहस्पति | जिज्ञासा, शोध, परोपकार | शिक्षा, शोध, यात्रा |
| द्वितीय | मकर | शनि | अनुशासन, नेतृत्व | राजनीति, प्रशासन, प्रबंधन |
| तृतीय | कुंभ | शनि | रचनात्मकता, नवाचार | तकनीक, विज्ञान, सामाजिक सेवा |
| चतुर्थ | मीन | बृहस्पति | संवेदनशीलता, कला | साहित्य, चिकित्सा, सेवा |
आर्द्रा नक्षत्र: लक्षण, स्वभाव और वैदिक ज्योतिष में महत्व
आर्द्रा नक्षत्र के चारों पाद जातक के जीवन और सोच में विविधता लाते हैं।
धनु पाद ज्ञान और आदर्शवाद,
मकर पाद अनुशासन,
कुंभ पाद नवाचार,
मीन पाद संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता को प्रबल करता है।
इनकी समझ जीवन, करियर और संबंधों में दिशा और सफलता प्रदान करती है।
1. आर्द्रा नक्षत्र के कौन से पाद शोध और शिक्षा के लिए श्रेष्ठ हैं?
प्रथम पाद, क्योंकि इसमें बृहस्पति का ज्ञान और शोध का प्रभाव मजबूत होता है।
2. कौन सा पाद करियर में नेतृत्व और प्रशासन देता है?
द्वितीय पाद, मकर नवांश और शनि प्रभाव के कारण।
3. तृतीय पाद किस प्रकार की सोच को विकसित करता है?
वैज्ञानिक, प्रगतिशील और नवाचारी सोच।
4. चतुर्थ पाद में भावनात्मकता क्यों बढ़ जाती है?
मीन नवांश और बृहस्पति प्रभाव के कारण व्यक्तित्व में संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता और भावुकता बढ़ती है।
5. किस पाद में आध्यात्मिकता और कला अधिक प्रबल होती है?
चतुर्थ पाद में।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
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