By अपर्णा पाटनी
अश्लेषा नक्षत्र के रहस्य, आत्मिक शक्ति और जीवन में इसके सकारात्मक परिवर्तन की गहराई से व्याख्या।

अश्लेषा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष का नौवां नक्षत्र है। यह कर्क राशि के 16°40′ से 30°00′ तक फैला है और बुध ग्रह के अधीन आता है। इसका अर्थ है “लिपटना” या “जकड़ना” और इसका प्रतीक सर्प है। यह नक्षत्र गंडांत का प्रारंभ बिंदु है, जहां भौतिक और आध्यात्मिक यात्रा एक दूसरे से जुड़ती है।
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| नक्षत्र क्रम | 9वां |
| राशि | कर्क (16°40′ - 30°00′) |
| नक्षत्र स्वामी | बुध |
| देवता | नाग |
| तत्व | जल |
| स्वभाव | तीक्ष्ण, शोक |
| गण | राक्षस |
| आराध्य वृक्ष | नागकेसर |
| नक्षत्र प्राणी | बिल्ली |
| शुभ रंग | काला, लाल |
| शुभ रत्न | पन्ना |
| शुभ दिन | बुधवार |
| भाग्यशाली संख्या | 5, 9 |
| नाम अक्षर | दी, डी, डु, डे, दो, मी, दा |
अश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं जो पाताल लोक के स्वामी माने जाते हैं। नागों की ऊर्जा रहस्यमय और परिवर्तनकारी होती है। यह नक्षत्र कुंडलिनी ऊर्जा के जागरण का भी प्रतिनिधित्व करता है। इसे “विष आश्लेषण शक्ति” का नक्षत्र कहा जाता है यानी विष को निष्क्रिय कर औषधि जैसी ऊर्जा में बदल देने की क्षमता।
| पद | डिग्री (कर्क) | नवांश | स्वामी | मुख्य गुण |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम | 16°40′ - 20°00′ | सिंह | सूर्य | नेतृत्व, आत्मविश्वास |
| द्वितीय | 20°00′ - 23°20′ | कन्या | बुध | विश्लेषण, व्यावहारिकता |
| तृतीय | 23°20′ - 26°40′ | तुला | शुक्र | आकर्षण, संतुलन |
| चतुर्थ | 26°40′ - 30°00′ | वृश्चिक | मंगल | रहस्य, गहराई, साहस |
अश्लेषा नक्षत्र के चारों पद - गहराई, रहस्य और जीवन पर प्रभाव
| गुण | पुरुष जातक | महिला जातक |
|---|---|---|
| बुद्धिमत्ता | रणनीतिक, विश्लेषणात्मक | तर्कशील, प्रखर संवाद |
| रहस्यवाद | गहरे, छुपे हुए | आत्म नियंत्रित, निजी बातें छुपाने वाली |
| आकर्षण | सम्मोहक व्यक्तित्व | आत्मविश्वासी, आकर्षक |
| चालाकी | अवसरवादी, रणनीतिक | व्यावहारिक, तर्क कुशल |
| संवेदनशीलता | कम, भावनाओं को छुपाने वाले | जल्दी आहत, नैतिक |
| नेतृत्व | अधिकारप्रिय | प्रभावशाली, तर्क विजेता |
| पक्ष | विवरण |
|---|---|
| शक्तियाँ | साहसी, निडर, रणनीतिक, आत्मरक्षा में निपुण, परिवर्तनकारी |
| कमजोरियाँ | कपट, चालाकी, गोपनीयता, सामाजिक दूरी |
| विशेष सलाह | मधुर बोलें, विश्वासघात से बचें |
| गुण | अश्लेषा पुरुष | अश्लेषा महिला |
|---|---|---|
| बुद्धिमत्ता | रणनीतिक | तर्कशील |
| रहस्यवाद | गहरे | आत्म नियंत्रित |
| आकर्षण | सम्मोहक | आत्मविश्वासी |
| नेतृत्व | अधिकारप्रिय | तर्क विजेता |
अश्लेषा जातक गहरी आत्मिक यात्रा वाले होते हैं। इनका जीवन परिवर्तन, पुनर्जन्म और आत्म शक्ति के जागरण से भरा होता है। सही दिशा में प्रयत्न करने पर ये हर चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं।
उपयुक्त पेशे – वकील, गुप्तचर, पुलिस, सेना, राजनीतिज्ञ, शोधकर्ता, ज्योतिषी, लेखक, जीव वैज्ञानिक।
दी, डी, डु, डे, दो, मी, दा
एक साधक ने नागदेव से पूछा,
“आपके पास इतना विष है फिर भी आप शांत कैसे रहते हैं?”
नागदेव ने उत्तर दिया,
“विष केवल नाश नहीं, बल्कि परिवर्तन का साधन भी है। विष को साध लिया जाए तो वह औषधि बन जाता है। अश्लेषा नक्षत्र भी यही सिखाता है।”
| विषय | विवरण |
|---|---|
| देवता | नाग |
| स्वामी | बुध |
| तत्व | जल |
| स्वभाव | तीक्ष्ण |
| शुभ रंग | काला, लाल |
1. अश्लेषा नक्षत्र को रहस्यवाद से क्यों जोड़ा जाता है?
क्योंकि इसका प्रतीक सर्प है और यह कुंडलिनी ऊर्जा तथा गूढ़ता से संबंधित है।
2. इस नक्षत्र का स्वभाव तीक्ष्ण क्यों माना जाता है?
बुध और सर्प ऊर्जा के सम्मिलन से इसकी बुद्धि और मानसिक शक्ति अत्यधिक प्रभावशाली होती है।
3. अश्लेषा जातकों के लिए कौन सा रत्न शुभ है?
पन्ना।
4. क्या यह नक्षत्र करियर में सफलता देता है?
हाँ, रणनीति आधारित और शोधपरक क्षेत्रों में सफलता मिलती है।
5. अश्लेषा नक्षत्र में जन्मे लोगों का मुख्य जीवन पाठ क्या है?
भीतर की नकारात्मकता को शक्ति और परिवर्तन में बदलना।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्रअनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, मुहूर्त
इनके क्लाइंट: म.प्र., दि.
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