By पं. अभिषेक शर्मा
अश्लेषा नक्षत्र के चारों पद की ऊर्जा, गुण और जीवन पर उनके प्रभावों की विस्तृत समझ।

अश्लेषा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष का नौवां नक्षत्र है जो कर्क राशि के 16°40′ से 30°00′ तक फैला है। इसका प्रतीक सर्प है जो गूढ़ता परिवर्तन और आत्मिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। इसके चारों पद अलग-अलग ऊर्जा लेकर आते हैं और प्रत्येक पद जीवन पर विशिष्ट प्रभाव डालता है।
| पद | डिग्री (कर्क) | नवांश | स्वामी | मुख्य गुण |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम | 16°40′ - 20°00′ | मेष | मंगल | साहस नेतृत्व आत्मविश्वास |
| द्वितीय | 20°00′ - 23°20′ | वृषभ | शुक्र | महत्वाकांक्षा व्यावहारिकता चालाकी |
| तृतीय | 23°20′ - 26°40′ | मिथुन | बुध | बुद्धिमत्ता रहस्यवाद संवाद |
| चतुर्थ | 26°40′ - 30°00′ | कर्क | चंद्र | संवेदनशीलता करुणा आध्यात्मिकता |
अश्लेषा नक्षत्र - रहस्य, शक्ति और आत्म-परिवर्तन का नक्षत्र
डिग्री: 16°40′ - 20°00′
नवांश: मेष
स्वामी: मंगल
व्यक्तित्व: साहसी आत्मविश्वासी और नेतृत्व गुण वाले होते हैं। चुनौतियों का सामना करने में आगे रहते हैं लेकिन कभी-कभी अधीर भी हो सकते हैं।
करियर: सेना प्रशासन राजनीति खेल नेतृत्व क्षेत्र।
चुनौतियाँ: गुस्सा अधीरता और भावनाओं की अनदेखी।
डिग्री: 20°00′ - 23°20′
नवांश: वृषभ
स्वामी: शुक्र
व्यक्तित्व: महत्वाकांक्षी व्यावहारिक और रणनीति अपनाने वाले। भौतिक सुख और वैभव की ओर आकर्षित।
करियर: व्यापार वित्त रियल एस्टेट कला प्रबंधन।
चुनौतियाँ: स्वार्थ छल और भावनात्मक कठोरता।
डिग्री: 23°20′ - 26°40′
नवांश: मिथुन
स्वामी: बुध
व्यक्तित्व: बुद्धिमान विश्लेषणात्मक और रहस्यवादी। गहन ज्ञान और संवाद कौशल वाले।
करियर: रिसर्च चिकित्सा लेखन शिक्षा मनोविज्ञान ज्योतिष।
चुनौतियाँ: संदेह गोपनीयता और मानसिक तनाव।
डिग्री: 26°40′ - 30°00′
नवांश: कर्क
स्वामी: चंद्र
व्यक्तित्व: संवेदनशील करुणामयी और आध्यात्मिक। परिवार से गहरा जुड़ाव।
करियर: सेवा चिकित्सा परामर्श आध्यात्मिक मार्गदर्शन लेखन।
चुनौतियाँ: भावनात्मक अस्थिरता अत्यधिक लगाव मानसिक संघर्ष।
अश्लेषा नक्षत्र के चारों पद जीवन को अलग-अलग दिशाओं में ले जाते हैं। कहीं साहस और शक्ति कहीं महत्वाकांक्षा और रणनीति कहीं ज्ञान और रहस्यवाद तो कहीं करुणा और आध्यात्मिकता। हर पद आत्मिक विकास का मार्ग दिखाता है।
1. अश्लेषा नक्षत्र का मुख्य प्रतीक क्या है?
सर्प जो गहराई रहस्य और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है।
2. अश्लेषा नक्षत्र किन गुणों से जुड़ा है?
गूढ़ता रणनीति संवेदनशीलता बुद्धिमत्ता और आध्यात्मिक ऊर्जा।
3. अश्लेषा नक्षत्र के जातक किस करियर में अच्छा करते हैं?
रिसर्च चिकित्सा नेतृत्व लेखन मनोविज्ञान और प्रशासन।
4. अश्लेषा नक्षत्र की चुनौतियाँ क्या हैं?
भावनात्मक अस्थिरता अत्यधिक गोपनीयता संदेह और मानसिक तनाव।
5. कौन सा पद सबसे अधिक आध्यात्मिक माना जाता है?
चतुर्थ पद क्योंकि यह चंद्र ऊर्जा से जुड़ा है और गहरी संवेदनशीलता देता है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 19
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इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
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