By पं. नरेंद्र शर्मा
स्त्री ऊर्जा, सृजन और धर्म के रहस्यों से भरा भरणी नक्षत्र जीवन को दिशा देता है

भरणी नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के सत्ताईस नक्षत्रों में दूसरा नक्षत्र है। यह नक्षत्र धारण शक्ति सृजन परिवर्तन और कर्म के गहरे रहस्यों का प्रतीक है। भरणी का शाब्दिक अर्थ है धारण करने वाला। इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है और अधिष्ठाता देवता यमराज हैं जो धर्म न्याय और कर्मफल के दाता माने जाते हैं। यह मेष राशि में तेरह अंश बीस कला से छब्बीस अंश चालीस कला तक स्थित है। इसका प्रतीक योनि है जो जन्म पोषण और नवजीवन का प्रतिनिधित्व करता है।
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| नक्षत्र क्रम | 2 दूसरा |
| राशि | मेष Aries |
| डिग्री सीमा | 13°20' से 26°40' मेष |
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
| अधिष्ठाता देवता | यम |
| प्रतीक | योनि |
| तत्त्व | पृथ्वी |
| गुण | राजसिक |
| गण | मनुष्य |
| नाड़ी | मध्य |
| शुभ अक्षर | ली लू ले लो |
| वृक्ष | आंवला |
| पक्षी | हंस |
| रंग | रक्त लाल |
भरणी नक्षत्र दक्ष प्रजापति की पुत्री भरणी से जुड़ा है जिनका विवाह चंद्रमा से हुआ। इसका देवता यमराज है जो मृत्यु ही नहीं बल्कि न्याय धर्म और पुनर्जन्म के भी अधिपति हैं। भरणी जीवन के उस रहस्य को दर्शाता है जहां आत्मा पुराने अस्तित्व को छोड़ कर नए मार्ग पर चलती है। इसमें जन्म और अंत दोनों का संगम है। यह नक्षत्र जीवन की धारण शक्ति पवित्रता और परिवर्तन के नियम को समझाता है।
• शुक्र और मंगल दोनों का प्रभाव प्रबल होता है
• आकर्षण सृजन प्रेम और सौंदर्य की शक्ति मिलती है
• साहस ऊर्जा और प्रतियोगिता की भावना जागृत होती है
• यह नक्षत्र जन्म मृत्यु पुनर्जन्म और परिवर्तन से जुड़ा है
• प्रतीक योनि सृजन मातृत्व और पोषण की ऊर्जा का प्रतीक है
| पाद | डिग्री सीमा | नवांश राशि | स्वामी ग्रह | मुख्य गुण और स्वभाव |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 13°20' से 16°40' | सिंह | सूर्य | साहसी रचनात्मक नेतृत्व क्षमता |
| 2 | 16°40' से 20°00' | कन्या | बुध | मेहनती व्यवहार कुशल संगठन क्षमता |
| 3 | 20°00' से 23°20' | तुला | शुक्र | कलात्मक आकर्षक संतुलित |
| 4 | 23°20' से 26°40' | वृश्चिक | मंगल | तीव्र ऊर्जावान रहस्यप्रिय |
| गुण | रेटिंग दस में |
|---|---|
| ऊर्जा और उत्साह | 9 |
| रचनात्मकता | 9 |
| नेतृत्व क्षमता | 8 |
| दृढ़ संकल्प | 9 |
| आत्मविश्वास | 8 |
| साहस | 8 |
| संवेदनशीलता | 7 |
| स्वतंत्रता | 9 |
| न्यायप्रियता | 8 |
सृजनशील और महत्वाकांक्षी यह जातक अपने भीतर नए निर्माण की तीव्र इच्छा रखते हैं। ये निर्णय स्वतंत्र रूप से लेते हैं और जोखिम उठाने से नहीं डरते। गहरे भावनात्मक होने पर भी बाहर से दृढ़ दिखते हैं। यम के प्रभाव से इनका न्याय और सत्य पर अटूट विश्वास रहता है।
यम देवता: मृत्यु, धर्म और न्याय के वैदिक अधिपति
• आवेग में निर्णय लेने की प्रवृत्ति
• हठधर्मिता
• भावनात्मक उतार चढ़ाव
• अत्यधिक स्वतंत्रता के कारण संबंधों में दूरी
• आकर्षक व्यक्तित्व और तेजस्वी नेत्र
• स्वाभिमानी स्पष्टवादी और ईमानदार
• परिवार निष्ठ लेकिन पिता से दूरी का योग
• विवाह प्रायः सत्ताईस से बत्तीस वर्ष की आयु के बीच
• संघर्ष के बाद सफलता और सामाजिक सम्मान प्राप्त
• सुंदर साहसी और स्वतंत्र
• रचनात्मकता अत्यंत प्रबल
• रिश्तों में प्रभावशाली पर कभी कभी जिद्दी
• स्वास्थ्य में मासिक धर्म या गर्भाशय संबंधी समस्याओं की संभावना
• शिक्षा कला बच्चों की देखभाल और राजनीति में रुचि
| क्षेत्र | अनुकूलता | कारण |
|---|---|---|
| उद्यमिता | ★★★★★ | जोखिम लेने की क्षमता |
| रचनात्मक क्षेत्र | ★★★★☆ | कला संगीत लेखन |
| चिकित्सा सेवा | ★★★★☆ | संवेदनशीलता और सेवा भाव |
| राजनीति प्रशासन | ★★★★☆ | नेतृत्व और न्यायप्रियता |
| खेल फिटनेस | ★★★★☆ | ऊर्जा और प्रतियोगिता |
| शिक्षा मार्गदर्शन | ★★★★☆ | प्रेरणा और ज्ञान |
श्रेष्ठ साथी
• रोहिणी हस्त श्रवण स्वाति और आर्द्रा
चुनौतीपूर्ण साथी
• कृतिका मृगशिरा अश्विनी
रिश्तों में ईमानदारी गहराई और वफादारी की अपेक्षा रहती है। कभी कभी जिद के कारण तनाव संभव है परंतु प्रेम में अत्यंत समर्पित होते हैं।
• पेट लीवर किडनी सिर और जननांग संबंधी समस्याओं की संभावना
• अधिक ऊर्जा के कारण तनाव और अनिद्रा
• आवश्यक उपाय नियमित व्यायाम ध्यान संतुलित आहार
महिला जातक को प्रजनन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
• देवता यमराज और महाकाली की उपासना
• मंत्र ॐ यमाय नमः या ॐ हीं का जाप
• दान चीनी घी शक्कर चावल आंवला बर्तन
• रंग लाल सफेद गाढ़े रंग
• वृक्ष आंवला लगाएं और पूजन करें
• भरणी नक्षत्र के दिन लक्ष्मी पूजा और गाय को भोजन दें
• यह नक्षत्र मातृत्व सृजन और पुनर्जन्म का वाहक है
• न्याय कर्म और परिवर्तन का प्रतीक
• जातक समाज में नई पहचान बनाते हैं
प्रसिद्ध नाम
• जे आर डी टाटा
• डेविड बेकहम
• रवींद्रनाथ टैगोर
• डॉ बी आर अम्बेडकर
भरणी नक्षत्र जीवन के आरंभ और अंत दोनों का सेतु है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सृजन साहस और परिवर्तन की धारा को आगे बढ़ाते हैं। उनकी रचनात्मकता और न्यायप्रियता उन्हें जीवन में ऊंचाइयाँ प्रदान करती है। यह नक्षत्र सिखाता है कि धारण करो सृजन करो और परिवर्तन को अपनाओ।
• भरणी नक्षत्र किस ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है
यह सृजन परिवर्तन कर्म और धारण शक्ति की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।
• भरणी नक्षत्र के जातक किस करियर में सफल रहते हैं
रचनात्मक क्षेत्र उद्यमिता राजनीति शिक्षा और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
• क्या भरणी नक्षत्र भावनात्मक उतार चढ़ाव बढ़ाता है
हाँ इसकी तीव्र ऊर्जा के कारण भावनात्मक गहराई और उतार चढ़ाव देखा जाता है।
• इस नक्षत्र का मुख्य मंत्र क्या है
ॐ यमाय नमः और ॐ हीं का जाप शुभ माना जाता है।
• क्या भरणी नक्षत्र विवाह के लिए शुभ माना जाता है
हाँ परंतु सबसे अधिक अनुकूलता रोहिणी हस्त श्रवण स्वाति और आर्द्रा के साथ रहती है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 20
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, करियर
इनके क्लाइंट: पंज., हरि., दि.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें