By पं. अभिषेक शर्मा
जानिए 2025 में किन तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, उसका असर और बचाव के उपाय

वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय और कर्मफल का देवता कहा गया है। यह धीमी गति से चलने वाला ग्रह जब चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में गोचर करता है, तब साढ़ेसाती बनती है। यह अवधि एक व्यक्ति के जीवन में तीन बार आती है और हर बार यह उसके धैर्य, कर्म और चरित्र की परीक्षा लेती है। वर्ष 2025 में शनि मीन राशि में प्रवेश के बाद साढ़ेसाती की स्थिति में परिवर्तन आया है। आइए समझते हैं कि इस वर्ष किन राशियों पर इसका प्रभाव है और क्या परिणाम संभव हैं।
अवधि: साढ़े सात वर्ष
चरण:
पहला चरण: चंद्र राशि से बारहवां भाव
दूसरा चरण: चंद्र राशि
तीसरा चरण: चंद्र राशि से दूसरा भाव
प्रत्येक चरण लगभग ढाई वर्ष का होता है। यह काल मन, धन, कार्यक्षेत्र, रिश्तों और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है।
शनि की साढ़ेसाती: एक वैदिक दृष्टिकोण से गहराई में समझ
| राशि | चरण | अवधि | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| मेष | पहला चरण | 2025 से 2027.5 | खर्च बढ़ना, मानसिक तनाव, करियर में देरी |
| कुंभ | तीसरा चरण | 2025 से 2027.5 | पुराने संकटों का समाधान, धन संबंधी चुनौतियाँ |
| मीन | दूसरा चरण | 2025 से 2027.5 | मानसिक उलझन, करियर में अनिश्चितता |
शनि बारहवें भाव में प्रवेश कर चुके हैं जिससे वित्तीय दबाव और मानसिक अस्थिरता की स्थिति बन सकती है।
संभावित प्रभाव
पाया: लौह
कठिन परीक्षा और आत्मसंयम की आवश्यकता का संकेत।
उपाय
शनि दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं जो साढ़ेसाती के समापन का संकेत है।
संभावित प्रभाव
पाया: रजत
मध्यम प्रभाव, पर धीरे धीरे स्थिरता।
उपाय
चंद्र राशि में शनि के प्रवेश से मानसिक और कार्यक्षेत्र संबंधी चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।
संभावित प्रभाव
पाया: ताम्र
संघर्ष और सीख का काल।
उपाय
| पाया | स्वभाव | फल |
|---|---|---|
| स्वर्ण | शुभ | उन्नति और प्रतिष्ठा |
| रजत | मध्यम | प्रयास से सफलता |
| ताम्र | संघर्ष | सीख और परिवर्तन |
| लौह | कठोर | परीक्षाएँ और सुधार का अवसर |
साढ़ेसाती केवल कष्ट नहीं देती, बल्कि आत्मपरिवर्तन का द्वार भी खोलती है। यह समय मनुष्य को जिम्मेदार, परिपक्व और अनुशासित बनाता है। कई बार यही काल जीवन में स्थायी सफलता की नींव भी बन जाता है।
शनि की साढ़ेसाती हमेशा कष्टदायक क्यों मानी जाती है
यह कर्म जांच का काल है इसलिए चुनौतियाँ बढ़ती हैं, पर परिणाम कर्मानुसार होते हैं।
क्या शुभ शनि वाले लोगों को भी परेशानी होती है
कम होती है, क्योंकि शुभ शनि स्थिरता और प्रगति देता है।
क्या उपाय करने से प्रभाव कम होता है
हाँ, सेवा, अनुशासन और मंत्रजाप से राहत मिलती है।
क्या हर व्यक्ति पर समान प्रभाव होता है
नहीं। प्रभाव चंद्र राशि, कुंडली, दशा और कर्मों के अनुसार बदलता है।
क्या साढ़ेसाती उन्नति भी देती है
हाँ, कई लोग इसी समय बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करते हैं।
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