By अपर्णा पाटनी
जानिए सूर्य ग्रह का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व, आत्मबल, नेतृत्व, पिता, स्वास्थ्य और समाज में प्रतिष्ठा पर इसका प्रभाव

सूर्य जिसे आदित्य और दिनकर कहा गया है वैदिक ज्योतिष में आत्मा और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह न केवल आकाश का प्रकाश स्रोत है बल्कि मनुष्य के आत्मविश्वास नेतृत्व और सामाजिक प्रतिष्ठा का आधार भी है। सूर्य जीवन के हर चरण को दिशा देता है और अंधकार मिटाकर ज्ञान का मार्ग दिखाता है।
सूर्य को नवग्रहों में राजा का स्थान प्राप्त है। यह आत्मा का कारक माना गया है और व्यक्ति के आत्मबल पिता उच्च पद नेतृत्व क्षमता और आत्मज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। पौराणिक कथाओं में सूर्य को आदित्य सविता और रवि जैसे नामों से जाना गया है। सूर्य महर्षि कश्यप और अदिति के पुत्र हैं इसलिए इन्हें आदित्य कहा जाता है।
वैदिक संस्कृति में सूर्यदेव की पौराणिक गाथाएँ: एक विस्तृत कथा-यात्रा
पुरुष की कुंडली में सूर्य पिता का और स्त्री की कुंडली में पति का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी शुभ स्थिति परिवार में सम्मान और स्थिरता लाती है।
सूर्य सरकारी सेवाओं और उच्च पदों का सूचक है। यह ईमानदारी निर्णय क्षमता और नेतृत्व को मजबूत करता है।
सूर्य हृदय आँखों और जीवन ऊर्जा का कारक है। पीड़ित सूर्य होने पर हृदय रोग और आंखों की समस्या की संभावना रहती है।
स्वामित्व सिंह राशि
उच्च राशि मेष
नीच राशि तुला
आत्मविश्वास
नेतृत्व
सरकारी पद
सामाजिक सम्मान
अहंकार
क्रोध
अपमान
मानसिक तनाव
प्रशासनिक अधिकारी
राजनीतिज्ञ
डॉक्टर विशेषकर हृदय रोग विशेषज्ञ
न्यायाधीश वकील
सेना या पुलिस सेवा
शिक्षक या आध्यात्मिक मार्गदर्शक
ॐ घृणि सूर्याय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
रविवार को गेहूँ गुड़ और लाल वस्त्र दान करें।
गरीबों को भोजन कराएँ और पीपल की सेवा करें।
प्रातःकाल सूर्य नमस्कार के बारह आसनों का अभ्यास करें।
एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें या सूर्य यंत्र की स्थापना करें।
सूर्य आपके भीतर के प्रकाश और आत्मबल का प्रतीक है। मजबूत सूर्य जीवन के संघर्षों में व्यक्ति को विजयी बनाता है और यह सिखाता है कि अंधकार कितना भी गहरा हो प्रकाश अवश्य प्रकट होता है।
सूर्य केवल ग्रह नहीं बल्कि जीवन का आधार है। यह व्यक्ति को ऊर्जा सम्मान और सकारात्मकता देता है। नियमित साधना सही आचरण और दान से सूर्य को मजबूत किया जा सकता है। सूर्य का संदेश यह है कि जैसे वह सबको समान रूप से प्रकाश देता है वैसे ही मनुष्य को भी उदार और तेजस्वी बनना चाहिए।
1. कुंडली में सूर्य कमजोर होने के क्या लक्षण हैं
आत्मविश्वास की कमी हृदय संबंधी समस्या आंखों की कमजोरी और पिता से तनाव महसूस हो सकता है।
2. सूर्य को मजबूत करने का सबसे सरल उपाय क्या है
प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाना और सूर्य मंत्र का जाप करना सबसे प्रभावी उपाय है।
3. क्या माणिक्य सभी लोग पहन सकते हैं
नहीं रत्न धारण हमेशा अनुभवी ज्योतिषी की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
4. सूर्य किस प्रकार के व्यवसाय में सफलता देता है
सरकारी नौकरी प्रशासन नेतृत्व और चिकित्सा से जुड़े क्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम देता है।
5. पीड़ित सूर्य से कैसे बचाव किया जा सकता है
दान ध्यान सूर्य नमस्कार और सत्यनिष्ठ आचरण से सूर्य की पीड़ा कम होती है।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशिअनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, मुहूर्त
इनके क्लाइंट: म.प्र., दि.
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