By पं. अभिषेक शर्मा
यह नक्षत्र अग्नि, साहस और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन में नई शुरुआत और विजय का मार्ग दिखाता है

कृतिका नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में तीसरा स्थान रखता है। यह नक्षत्र अग्नि, शुद्धिकरण, साहस और परिवर्तन का प्रतीक है। इसका नाम कृतिका संस्कृत के कृत्त शब्द से आया है, जिसका अर्थ है काटने वाला। यह नक्षत्र न केवल रचनात्मकता और शक्ति का, बल्कि विनाश और पुनर्निर्माण की ऊर्जा का भी प्रतिनिधित्व करता है। कृतिका नक्षत्र का गहरा संबंध अग्नि देवता, सूर्य और भगवान कार्तिकेय की कथा से है, जिससे यह नक्षत्र अपने जातकों में तेज, नेतृत्व और आत्मशक्ति का संचार करता है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| नक्षत्र क्रम | 3 (तीसरा) |
| डिग्री सीमा | मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′ |
| राशि | मेष पहला पाद, वृषभ शेष तीन पाद |
| नक्षत्र स्वामी | सूर्य |
| अधिष्ठाता देवता | अग्नि देव |
| प्रतीक | उस्तरा, चाकू, अग्निशिखा |
| तत्त्व | अग्नि |
| गण | राक्षस |
| वर्ण | वैश्य |
| योनि | भेड़ मादा |
| नाड़ी | मध्य |
| शुभ अक्षर | अ, ई, उ, ए |
| वृक्ष | गूलर |
कृतिका नक्षत्र को पश्चिमी खगोलशास्त्र में Pleiades कहा जाता है, जो आकाश में सात तारों का समूह है।
यह नक्षत्र अग्नि देवता के अधीन है, जो यज्ञ, शुद्धि और ऊर्जा के प्रतीक हैं।
भगवान कार्तिकेय का पालन कृतिका नामक छह देवियों ने किया था, जिससे इसका नाम कृतिका पड़ा।
तारकासुर वध की कथा इस नक्षत्र की वीरता और विजय का प्रतीक बनाती है।
| पाद | राशि | डिग्री सीमा | नवांश | स्वामी ग्रह | मुख्य गुण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मेष | 26°40′ से 30°00′ | सिंह | सूर्य | आत्मविश्वासी, नेतृत्व क्षमता, साहसी |
| 2 | वृषभ | 0°00′ से 3°20′ | कन्या | चंद्रमा | भावुक, संवेदनशील, कलाप्रिय |
| 3 | वृषभ | 3°20′ से 6°40′ | तुला | मंगल | साहसी, प्रतिस्पर्धी, ऊर्जावान |
| 4 | वृषभ | 6°40′ से 10°00′ | वृश्चिक | बुध | जिज्ञासु, विश्लेषणात्मक, चंचल |
| गुण | दस में मूल्यांकन |
|---|---|
| नेतृत्व क्षमता | 9 |
| साहस | 9 |
| शुद्धिकरण | 8 |
| आत्मविश्वास | 9 |
| रचनात्मकता | 8 |
| स्वतंत्रता | 8 |
| न्यायप्रियता | 8 |
| अधीरता | 7 |
तेजस्वी और ऊर्जावान जातक अग्नि की तरह स्पष्टता और सत्य को महत्व देते हैं।
नेतृत्व और आत्मनिर्भरता इनकी प्रमुख पहचान है।
चुनौतियों से नहीं घबराते और कठिन स्थितियों में भी दृढ़ रहते हैं।
कला, संगीत, शिक्षा, मीडिया में रुचि रखते हैं और न्यायप्रिय रहते हैं।
अधीरता, जल्द गुस्सा आना, उतावलापन, जिद, कठोरता, भावनात्मक अस्थिरता और आत्म-आलोचना की प्रवृत्ति।
कृतिका नक्षत्र की कथा: अग्नि, मातृत्व और वीरता की प्रेरक कहानी
आकर्षक, तेजस्वी, आत्मविश्वासी, स्पष्टवादी।
नेतृत्व क्षमता, साहस और न्यायप्रियता प्रबल।
कभी-कभी कठोर और आवेगी।
शिक्षा, प्रशासन, सेना, राजनीति, मीडिया में सफलता।
आध्यात्मिक झुकाव भी देखा जाता है।
आत्मनिर्भर, साहसी, स्पष्ट वक्ता, स्वतंत्र।
रचनात्मक और कलाप्रिय।
परिवार की देखभाल में दक्ष, लेकिन अपनी स्वतंत्रता को महत्व देती हैं।
कभी-कभी तीक्ष्ण वाणी और उग्र स्वभाव।
| क्षेत्र | अनुकूलता | कारण |
|---|---|---|
| प्रशासन, सेना, पुलिस | ★★★★★ | नेतृत्व, साहस, अनुशासन |
| शिक्षा, रिसर्च | ★★★★☆ | ज्ञान, जिज्ञासा, विश्लेषण |
| मीडिया, संचार | ★★★★☆ | स्पष्टता, अभिव्यक्ति |
| कला, संगीत | ★★★★☆ | रचनात्मकता |
| चिकित्सा, विज्ञान | ★★★★☆ | अनुसंधान, सेवा |
| व्यवसाय, उद्यमिता | ★★★★☆ | जोखिम लेने की क्षमता |
स्वतंत्र और स्पष्ट स्वभाव के कारण विवाह में कभी-कभी टकराव संभव है।
रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा के जातकों से अनुकूलता।
साथी को स्वतंत्रता और आत्मसम्मान का सम्मान करना चाहिए।
अग्नि तत्व के कारण पेट, पाचन, सिर, आंख और त्वचा से संबंधित समस्याएँ संभावित।
तनाव, अधीरता और क्रोध से बचना चाहिए।
योग, ध्यान, संतुलित आहार लाभकारी।
सूर्य और अग्नि देव की पूजा शुभ।
तारकासुर ने देवताओं को पराजित किया था, जिसे केवल शिवपुत्र ही मार सकता था।
शिव के बीज को अग्नि ने धारण किया और गंगा में प्रवाहित किया।
गंगा ने उसे छह कृतिका देवियों को सौंपा।
उन्होंने कार्तिकेय का पालन किया और बड़े होकर कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया।
इसलिए कृतिका नक्षत्र वीरता और शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है।
सूर्य और अग्नि देव की पूजा, आदित्यहृदय स्तोत्र, गायत्री मंत्र।
गूलर वृक्ष की सेवा।
रविवार को लाल वस्त्र धारण।
माणिक्य रत्न धारण।
यज्ञ, हवन करें।
क्रोध नियंत्रण के लिए ध्यान और प्राणायाम।
कृतिका का प्रतीक अग्नि, उस्तरा, चाकू है जो शुद्धि का प्रतीक है।
यह नक्षत्र मेष और वृषभ दोनों में फैला है।
नेतृत्व, साहस और आत्मनिर्भरता इसकी पहचान है।
यह नक्षत्र नई शुरुआत, परिवर्तन और विजय का मार्ग दिखाता है।
यह तेज, स्पष्टता और आत्मनिर्भरता का द्योतक है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
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