By पं. नरेंद्र शर्मा
जब कुंडली मिलान में गुण कम आएं, तब अपनाएं प्रभावी ज्योतिषीय तरीके और सुधार के उपाय

कुंडली मिलान विवाह की नींव है। अष्टकूट मिलान में कुल 36 गुण होते हैं, जिनमें से 18 या अधिक अंक मिलने पर विवाह अनुकूल माना जाता है। लेकिन जब गुण कम आते हैं, तो चिंता बढ़ सकती है। ऐसे में सही विश्लेषण और उचित उपाय बेहद महत्वपूर्ण बन जाते हैं।
सिर्फ अंक नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों की ऊर्जा और सोच का तालमेल विवाह को सफल करता है।
1. क्या कम गुण मिलने पर विवाह करना उचित है?
हाँ, यदि अन्य ग्रह योग शुभ हों और दोष दूर किए जा सकें, तो विवाह किया जा सकता है।
2. नाड़ी दोष मिलने पर क्या विवाह नहीं करना चाहिए?
नाड़ी दोष गंभीर माना जाता है, लेकिन सही उपाय से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।
3. क्या कम गुण और मंगल दोष दोनों मिलकर विवाह में रुकावट बनते हैं?
हाँ, परन्तु दोनों का अलग-अलग उपचार होने से स्थिति सुधर सकती है।
4. क्या विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है?
हाँ, व्यक्तिगत कुंडली बहुत गहराई वाली होती है, इसलिए अनुभवी ज्योतिषी की राय महत्वपूर्ण है।
5. क्या गुण मिलान ही विवाह का अंतिम निर्णय है?
बिल्कुल नहीं। समझ, प्रेम, संस्कार और मानसिक तालमेल कहीं अधिक निर्णायक हैं।
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