By पं. संजीव शर्मा
जानिए बारहवें भाव में सूर्य की उपस्थिति से आत्मिक विकास, त्याग, अकेलापन, विदेश यात्रा और कर्म फल की गहराई का महत्व

बारहवां भाव वैदिक दर्शन में अंतर्मन की वह खिड़की है जहां बाहरी संसार का शोर धीमा पड़ जाता है और मन भीतर की दुनिया को सुनना शुरू करता है। इसी भाव में जब सूर्य जैसे तेजस्वी ग्रह का प्रवेश होता है तो प्रकाश और छाया दोनों साथ चलते हैं। यह स्थिति व्यक्ति को भौतिक संसार से हटाकर उस दिशा की ओर ले जाती है जहां आत्मा अपने अनुभवों को समझने लगती है। एकांत की ऊर्जा यहां बाधा नहीं होती बल्कि आत्मसाक्षात्कार का माध्यम बनती है।
यह भाव व्यय त्याग मोक्ष और गहरे मानसिक अनुभवों से जुड़ा हुआ है। यह व्यक्ति को बताता है कि उसे किन चीजों को छोड़ना है और किन अनुभवों से गुजरना है ताकि उसके भीतर की परतें खुल सकें। सूर्य यहां व्यक्ति के भीतर जागरूकता पैदा करता है लेकिन यह जागरूकता कई बार संघर्षों के रूप में सामने आती है जिससे आत्मबल और धैर्य की परीक्षा होती है।
वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह: प्रकाश, प्राण और प्रतिष्ठा का प्रतीक
सूर्य इस भाव में व्यक्ति को आध्यात्मिक पथ की ओर खींचता है।
सूर्य यहां विदेश संबंधी अवसर देता है।
इस स्थिति से व्यक्ति के भीतर करुणा बढ़ती है।
सूर्य यहां विरासत बीमा और निवेश से लाभ देता है।
युवावस्था में आत्मद्वंद्व बढ़ सकता है।
मन और शरीर दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सूर्य यहां पारिवारिक समन्वय को प्रभावित करता है।
बारहवां भाव स्वभाव से व्यय का स्थान है।
उपयुक्त क्षेत्र
चुनौतियाँ
सलाह
सूर्य यहां यह सिखाता है कि प्रकाश केवल बाहरी नहीं होता। कई बार जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्रकाश भीतर उत्पन्न होता है। संघर्ष यहां बाधा नहीं बल्कि साधना है। बारहवें भाव का सूर्य व्यक्ति को स्थिरता धैर्य और आत्मिक शक्ति प्रदान करता है ताकि वह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ सके।
क्या बारहवें भाव में सूर्य हमेशा विदेश यात्रा का योग देता है
हाँ लेकिन परिणाम समय के साथ प्रकट होते हैं
क्या इस स्थिति से मानसिक दबाव बढ़ सकता है
हाँ मन अधिक सक्रिय होने से तनाव बढ़ सकता है
क्या यह स्थिति आध्यात्मिक उन्नति देती है
हाँ यह बारहवें भाव का प्रमुख प्रभाव है
क्या पारिवारिक मतभेद हो सकते हैं
हाँ पिता या संतान से जुड़े मुद्दे सामने आ सकते हैं
सूर्य को मजबूत करने का सरल उपाय क्या है
प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना और ॐ घृणि सूर्याय नमः का जाप
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशि
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
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