By पं. नरेंद्र शर्मा
जानें दसवें भाव में सूर्य की उपस्थिति से करियर, नेतृत्व, सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक समृद्धि और वैदिक उपायों का महत्व

दसवां भाव वह स्थान है जहाँ व्यक्ति का कर्म, क्षमता और जीवन का उद्देश्य स्पष्ट दिखाई देता है। इस भाव में सूर्य आने पर व्यक्ति के भीतर एक अनोखी शक्ति जन्म लेती है। यह शक्ति केवल बाहरी उपलब्धियों तक सीमित नहीं होती बल्कि जीवन के हर निर्णय में एक चमक, एक दृढ़ता और एक प्रेरणा जोड़ देती है। इस स्थान पर सूर्य किसी साधारण व्यक्तित्व को भी उल्लेखनीय सम्मान और प्रभाव तक पहुँचा सकता है।
ज्योतिष में दसवें भाव को कर्म भाव कहा गया है और यह क्षेत्र करियर, सामाजिक प्रतिष्ठा, सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व और दिशा का प्रतीक है। जब सूर्य यहाँ स्थित होता है, तो व्यक्ति के जीवन में कार्यक्षमता और प्रतिष्ठा दोनों का विकास होने लगता है। यह ग्रह बताता है कि व्यक्ति किस प्रकार अपनी ऊर्जा दुनिया में योगदान देने के लिए प्रयोग करता है।
वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह: प्रकाश, प्राण और प्रतिष्ठा का प्रतीक
सूर्य इस भाव में व्यक्ति को दृढ़ इच्छाशक्ति, स्पष्ट दृष्टिकोण और प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान करता है।
यह स्थिति व्यक्ति को सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठित बनाती है।
इस व्यक्तित्व में परिवार के प्रति जिम्मेदारी की भावना गहरी होती है।
दसवें भाव का सूर्य व्यक्ति को आय के अनेक अवसर देता है।
यह स्थिति व्यक्ति के भीतर अद्भुत धैर्य और परिश्रम की शक्ति जगाती है।
सूर्य की अधिकता कभी कभी व्यक्ति को स्वयं केंद्रित बना देती है।
करियर की व्यस्तता के कारण घर को समय न दे पाना आम बात हो सकती है।
उच्च ऊर्जा का दबाव शरीर पर असर डाल सकता है।
अत्यधिक आत्मविश्वास कभी कभी गलत निर्णय दिला सकता है।
| क्षेत्र | कारण |
|---|---|
| प्रशासन | नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता |
| राजनीति | जनसंपर्क और प्रभाव |
| सेना | अनुशासन और साहस |
| न्यायपालिका | निर्णय क्षमता |
| मीडिया | प्रभावी संवाद |
| शिक्षा | मार्गदर्शन की क्षमता |
दसवें भाव में सूर्य का होना जीवन में कर्म का महत्व समझाता है। यह बताता है कि नेतृत्व तभी सार्थक होता है जब वह विनम्रता से जुड़ा हो। सफलता का प्रकाश तभी स्थायी है जब उसका उपयोग समाज और परिवार के कल्याण में हो। सूर्य यहाँ व्यक्ति को प्रेरणा देता है कि कर्म और विनम्रता का संतुलन ही असली उन्नति का मार्ग है।
क्या दसवें भाव में सूर्य करियर को हमेशा मजबूत बनाता है
हाँ ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता के कारण करियर में उन्नति के योग बनते हैं
क्या इस स्थिति से सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ते हैं
हाँ प्रशासन और सरकारी सेवा में सफलता की संभावना अधिक होती है
क्या पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है
कभी करियर की व्यस्तता से परिवार को समय कम मिलता है
क्या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं
हाँ तनाव और रक्तचाप से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं
सूर्य की कृपा पाने का सरल उपाय क्या है
प्रतिदिन ॐ घृणि सूर्याय नमः का जाप और रविवार को दान लाभकारी है
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशि
अनुभव: 20
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, करियर
इनके क्लाइंट: पंज., हरि., दि.
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