By पं. नीलेश शर्मा
यह नक्षत्र आशा, नवीनीकरण और विजय की शक्ति के साथ जीवन में बार-बार नई शुरुआत और सफलता का संदेश देता है।

प्रतीक, महान विभूतियाँ और वसुत्व प्रपाण शक्ति
पुनर्वसु नक्षत्र मिथुन 20°00' से कर्क 3°20' तक विस्तृत है। इसका स्वामी बृहस्पति और अधिष्ठात्री देवी अदिति हैं। यह नक्षत्र “पुनः शुभ” और “प्रकाश की वापसी” का सूचक है। इसकी मुख्य शक्ति है वसुत्व प्रपाण शक्ति, जिसका अर्थ है पुनः प्राप्ति और पुनः समृद्धि।
तरकश बार-बार प्रयत्न, पुनरुत्थान और हर चुनौती के लिए तैयार रहने की क्षमता का संकेत है।
बाण लक्ष्य, संकल्प और निरंतर प्रयास का प्रतीक है। पुनर्वसु के बाण बार-बार लौटते हैं, जैसे जीवन में अवसर और ऊर्जा।
“वसु” का अर्थ है प्रकाश और समृद्धि। यह नक्षत्र हर अंधकार के बाद उजाले की ओर लौटने का संदेश देता है।
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| तरकश | पुनरुत्थान और तैयारी |
| बाण | संकल्प और निरंतर प्रयास |
| प्रकाश | आशा और नवीनीकरण |
पुनर्वसु नक्षत्र: ज्योतिषीय लक्षण, स्वभाव और सफलता के संकेत
इन जन्मजात गुणों में आशावाद, धैर्य, पुनरुत्थान और समाज सेवा प्रमुख होती है।
| नाम | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| महात्मा गांधी | स्वतंत्रता संग्राम | संघर्ष के बाद विजय |
| श्रीराम | धर्म | मर्यादा, साहस, पुनरुत्थान |
| नरेंद्र मोदी | राजनीति | नेतृत्व और नवीनीकरण |
| मार्क जुकरबर्ग | टेक्नोलॉजी | नवाचार और बार-बार प्रयोग |
| श्री अरविंद | योग और दर्शन | साधना और पुनरुत्थान |
| रामण महर्षि | अध्यात्म | आत्मज्ञान |
| बिल क्लिंटन | राजनीति | संवाद और नेतृत्व |
| बॉब होप | कला | सकारात्मकता |
पुनर्वसु नक्षत्र की यह मूल शक्ति खोई हुई चीज़ों को वापस प्राप्त करने, नई शुरुआत करने और जीवन में बार-बार समृद्धि लाने की क्षमता है।
जीवन में जो भी खोया हो, दोबारा पाने की शक्ति।
अंधकार या कठिनाई के बाद फिर से ऊर्जा और शुभता का संचार।
मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर पुनर्जीवन की क्षमता।
| शक्ति | जीवन में अभिव्यक्ति |
|---|---|
| वसुत्व प्रपाण शक्ति | पुनः प्राप्ति, नई शुरुआत |
| नवीनीकरण | चुनौतियों के बाद उठ खड़े होना |
| समृद्धि | सकारात्मकता और सफलता |
पुनर्वसु नक्षत्र हमें यह सिखाता है कि हार कभी अंतिम नहीं होती।
प्रकाश हमेशा लौटता है।
धैर्य, आशा और निरंतर प्रयास रखने वाला व्यक्ति जीवन में बार-बार सफलता प्राप्त करता है।
यह नक्षत्र समाज को भी समृद्ध बनाने वाली सोच देता है।
1. पुनर्वसु नक्षत्र का मुख्य प्रतीक क्या है?
तरकश और बाण, जो बार-बार प्रयास और नवीनीकरण का संकेत देते हैं।
2. वसुत्व प्रपाण शक्ति का अर्थ क्या है?
जीवन में पुनः प्राप्ति, पुनः समृद्धि और नवीनीकरण की क्षमता।
3. क्या पुनर्वसु जातक सफल होते हैं?
हाँ, क्योंकि वे कठिनाइयों के बाद भी दोबारा प्रयास करते हैं।
4. क्या इस नक्षत्र में जन्मे लोगों में नेतृत्व गुण होते हैं?
अधिकतर हाँ, क्योंकि उनमें सकारात्मकता और नवीनीकरण की शक्ति प्रबल होती है।
5. कौन-कौन पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे माने जाते हैं?
गांधीजी, श्रीराम, नरेंद्र मोदी, मार्क जुकरबर्ग जैसे कई प्रमुख व्यक्तित्व।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्रअनुभव: 25
इनसे पूछें: करियर, पारिवारिक मामले, विवाह
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें